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जाट आंदोलन: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी

फरवरी 2016 में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में 30 लोग मारे गए थे.

FP Staff Updated On: Mar 02, 2017 02:51 PM IST

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जाट आंदोलन: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी

हरियाणा में अपनी मांगों व शिकायतों पर अधिकारियों के रुख से नाराज जाट प्रदर्शनकारियों गुरुवार को दिल्ली पहुंचे. साथ ही उन्होंने 13 मार्च से असहयोग आंदोलन की घोषणा की है.

आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जाट आंदोलनकारियों गुरुवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया.

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के मुताबिक 50 लाख प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचे हैं. उनका कहना है कि आंदोलनकारी संसद का भी घेराव करेंगे. संसद घेराव की तारीख का ऐलान प्रदर्शन के दौरान किया जाएगा.

जाट नेताओं का कहना है कि दिल्ली में एक बड़ी रैली का आयोजन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर आरक्षण की मांग की जाएगी.

जाट आरक्षण के दिल्ली प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह चौकस हैं. ऐंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता यशपाल मलिक ने कहा कि बीते 29 जनवरी से आंदोलन कर रहे जाट नेता अपने विरोध-प्रदर्शन को दो मार्च से नई दिल्ली ले जाएंगे.

असहयोग आंदोलन के तहत जाट समुदाय के लोगों से बिजली तथा पानी के बिल का भुगतान न करने तथा राष्ट्रीय राजधानी को दूध और अन्य जरूरी चीजें जैसे सब्जियां आदि की आपूर्ति बंद करने को कहा गया है.

बुधवार को हरियाणा विधानसभा में जाट आंदोलन पर चर्चा की गई. विधानसभा में बजट सत्र के दौरान स्थगन प्रस्ताव पेश करने वाले इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हरियाणा में जाटों को सरकारी नौकरियों तथा सरकारी संस्थानों में आरक्षण पर राजनीति करने का प्रयास कर रही हैं.

चौटाला ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार जाट समुदाय की मांगों को पूरा करने में विफल रही है, जबकि उसने पिछले साल इस पर सहमति जताई थी.

आरक्षण के अलावा जाट पिछले साल जाट आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी, घायलों को मुआवजा, उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने तथा जाटों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैंय

फरवरी 2016 में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में 30 लोग मारे गए थे, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे. इस दौरान हजारों करोड़ रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति की क्षति हुई थी.

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