विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

जम्मू कश्मीर सरकार का ‘मानव कवच’ को मुआवजा देने से इंकार

मानवाधिकार आयोग ने जुलाई में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह डार को मुआवजे की राशि दे

Bhasha Updated On: Nov 06, 2017 09:33 PM IST

0
जम्मू कश्मीर सरकार का ‘मानव कवच’ को मुआवजा देने से इंकार

जम्मू कश्मीर सरकार ने गत नौ अप्रैल को श्रीनगर संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव के दौरान सेना की जीप पर बांधकर घुमाए गए 'मानव कवच' फारूक अहमद डार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने से इंकार कर दिया है.

जम्मू कश्मीर राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बिलाल नजाकी ने जुलाई में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह डार को मुआवजे की राशि दें. राज्य सरकार ने राज्य मानवाधिकार आयोग को हाल में दिए गए अपने जवाब में कहा, ‘ऐसी कोई योजना या नीति नहीं है जो इस तरह के मामलों में मुआवजे के भुगतान को कवर कर सके.’ जवाब में यह दलील दी गई कि एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी और मुआवजा आरोपी का पक्ष सुनने का अवसर दिए बिना उसके दोष को स्थापित करने के समान होगा.

उप सचिव (गृह) मुश्ताक अहमद के जरिए दायर चार पन्नों के जवाब में राज्य सरकार ने कहा कि राज्य सरकार की अधिकार प्राप्त समिति ने राज्य मानवाधिकार आयोग के आदेश का परीक्षण किया है और कहा कि जिन आधारों पर मुआवजे की सिफारिश की गई उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

सरकार ने कहा- निभाई जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने कहा कि उसने बीरवाह थाने में मामले में प्राथमिकी दर्ज करके और उसके बाद जांच शुरू कर अपने दायित्वों का निर्वहन किया.

जवाब में कहा गया, ‘मामले में जांच पूरी होने तक शिकायतकर्ता (डार) को मुआवजे के भुगतान के संबंध में सिफारिश आरोपी का पक्ष सुनने का अवसर दिए बिना आरोपी का दोष स्थापित करने के जैसा होगा.’ इस जवाब को नजाकी के समक्ष 13 नवंबर को रखा जाएगा.

डार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने को कहते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग ने अपने 10 जुलाई के आदेश में मामले में सेना को निर्देश देने से इंकार कर दिया था. उसने कहा था कि उसका सेना पर क्षेत्राधिकार नहीं है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi