S M L

केरल: नमाज अदा कराने वाली जमीदा टीचर को मिल रही धमकियां

जमीदा के इस कदम ने कई रूढ़िवादी मुस्लिम वर्गों को नाराज कर दिया है. उनका आरोप है कि यह कुछ इस्लाम विरोधी लोगों की साजिश है

Updated On: Jan 28, 2018 06:05 PM IST

FP Staff

0
केरल: नमाज अदा कराने वाली जमीदा टीचर को मिल रही धमकियां

केरल के मलप्पुरम में जुम्मे की नमाज अदा कराने वाली जमीदा टीचर को अब सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं. जमीदा के इस कदम ने कई रूढ़िवादी मुस्लिम वर्गों को नाराज कर दिया है. उन वर्गों का आरोप है कि ये कुछ इस्लाम विरोधी लोगों की साजिश है. उनके अनुसार मुसलमान औरत नमाज अदा करवा सकती है, लेकिन केवल महिलाओं को न कि पुरुषों को.

 

दरअसल 26 जनवरी को महिला इमाम जमीदा टीचर ने जुमे की नमाज अदा कराई थी. टीचर का कहना है कि वो पुरूषों की बनाई रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ना चाहती हैं. वो कहती हैं कि इस्लाम में कहीं नहीं लिखा है कि केवल पुरुष ही जुमे की नमाज अदा करवा सकते हैं. कुरान में किसी भी धार्मिक कृत्य या विश्वास को लेकर कोई लैंगिक भेदभाव नहीं है. जमीदा का कहना है कि नमाज, हज, जकात, रोज़ा जैसे सभी धार्मिक कृत्यों में औरत या मर्द में भेदभाव नहीं किया गया है.

जमीदा की इस कदम के बाद कई मुस्लिम संगठनों की तरफ से कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. 'सुन्नी युवाजन संघम' के राज्य महासचिव अब्दुल हमीद फैज़ी अम्बलक्कड्डावु ने कहा कि इस्लाम इस तरह से महिला और पुरुष के मिलने-जुलने पर रोक लगाता है, ताकि कुछ गलत न हो.

प्रसिद्धि पाने, इस्लाम की आलोचना करने के मकसद से किया जा रहा है

वहीं एक सलाफी संगठन 'विज़डम ग्लोबल इस्लामिक मिशन' के प्रवक्ता सीपी सलीम का कहना है कि ये सब प्रसिद्धि पाने और इस्लाम की आलोचना करने के मकसद से किया जा रहा है.

जमीदा कुरान सुन्नत सोसायटी की राज्य महासचिव हैं, जो कि इस्लाम के जानकार पीके अब्दुल मुहम्मद हसन मौलवी उर्फ चेकन्नूर मौलवी द्वारा स्थापित किया गया था. यह संगठन इस्लाम की गैर परंपरागत व्याख्या के लिए जाना जाता है. 1993 में वो अचानक गायब हो गए थे. अब माना जा रहा है कि उनकी मृत्यु हो चुकी है.

जमीदा कहती है कि सोशल मीडिया  पर कई सारे नेता मेरे खिलाफ बातें कर रहे हैं. कुछ लोगों ने तो कहा है कि मुझे मार देना चाहिए. जमीदा ने कहा कि मुझे पता है कि मुझ पर हमला होगा, पर मुझे डर नहीं लग रहा है. उन्होंने ने कहा कि मैं पीछे नहीं हटूंगी. उन्होंने कहा कि मैं कोशिश करूंगी कि केरल के दूसरे हिस्सों में भी इस तरह से नमाज अदा करवाया जाए.

जमीदा को तीन तलाक और जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से पहले भी धमकियां मिलती रही हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi