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आरोपी बिशप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही ननों का नहीं होगा ट्रांसफर : जालंधर मठ

जालंधर मठ की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'मैं सभी 5 ननों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जहां तक मेरा वश चल सकता है, वहां तक सबको जालंधर मठ के कुरूविंग्लाड कॉन्वेंट से बाहर नहीं निकाला जाएगा

Updated On: Feb 09, 2019 07:17 PM IST

FP Staff

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आरोपी बिशप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही ननों का नहीं होगा ट्रांसफर : जालंधर मठ

रेप के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ प्रोटेस्ट में ननों के उतरने के अगले दिन उन्हें कोट्टायम छोड़ने को कहा गया. जालंधर मठ ने ननों के लिए जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका ट्रांसफर तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक मामला कोर्ट में है.

जालंधर मठ की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'मैं सभी 5 ननों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जहां तक मेरा वश चल सकता है, वहां तक सबको जालंधर मठ के कुरूविंग्लाड कॉन्वेंट से बाहर नहीं निकाला जाएगा. मामला जब तक कोर्ट में है यथास्थिति बनी रहेगी.'

केरल के बहुचर्चित नन रेप मामले में आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल का विरोध करने वाली पांच में चार नन को हटा दिया गया था. इन सबको कोट्टम के कॉन्वेंट से बाहर जाने के लिए कह दिया गया था. विरोध करने वाली सिस्टर अनुपमा, सिस्टर एनसिटा, सिस्टर एल्फी और सिस्टर जॉसफाइन को तुरंत वापस पुराने कॉन्वेंट में जाने को कहा गया था.

चार ननों के खिलाफ जारी हुए थे स्थानांतरण आदेश

बिशप एग्नोलो की ओर से जारी पत्र में लिखा है, 'श्री नीना रोज का पत्र देखकर मैं हैरान और निराश हो गया. मैं जनरल को एक निर्देश दे रहा हूं कि मेरी स्पष्ट अनुमति के बिना आप में से पांच को कोई पत्र जारी नहीं करेगा. एपॉस्टोलिक एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर यह मेरा आदेश है. यह मेरे अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है.'

समूह के मुखिया ने सिस्टर रोज के खिलाफ आरोप लगाया था कि वे समुदाय के खिलाफ जा रही हैं और दैनिक कर्मकांडों के खिलाफ बगावत कर रही हैं. इससे पहले प्रमुख ने बिशप की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले चार ननों को स्थानांतरण आदेश जारी किए थे.

चार ननों के साथ पीड़ित नन ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से इस मामले में दखल देने के लिए अनुरोध किया था. उनकी मांग थी कि उनके ट्रांसफर संबंधित आदेश जब तक कोर्ट में ट्रायल चल रहा हो तब तक प्रभावित न हों.

कैथलिक रिफॉर्मिस्ट फोरम और ननों के नेतृत्व में सितंबर में बिशप के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही थी.

बता दें कि नन ने 54 साल के बिशप पर 2014 से 2016 के बीच रेप और अप्राकृतिक सेक्स करने का आरोप लगाया था. जून में कोट्टयाम पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने मई 2014 में कुराविलंगाड गेस्ट हाउस में उनका रेप किया और बाद में भी यौन शोषण करते रहे.

तीन दिनों की पूछताछ के बाद मुलक्कल को पिछले साल 21 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. बाद में 24 सितंबर को उन्हें दो हफ्ते की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. बाद में हाईकोर्ट ने आरोपी फ्रैंको मुलक्कल को सशर्त जमानत दे दी थी.

(न्यूज़ 18 के लिए नीतू रघुकुमार की रिपोर्ट)

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