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जेटली ने नौसेना को तीन नौसैनिक सिस्टम सौंपे

सोनार सिस्टम का मुख्य काम पानी के नीचे दुश्मन के युद्धपोतों और पनडुब्बियों की पहचान करना है

Bhasha Updated On: Mar 24, 2017 11:01 PM IST

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जेटली ने नौसेना को तीन नौसैनिक सिस्टम सौंपे

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ की ओर से विकसित तीन नौसैनिक सिस्टम रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने नौसेना को सौंपी.
भारतीय नौसेना को दी गई नौसैनिक सिस्टम में यूएसएचयूएस-2 पनडुब्बी सोनार, ‘हल-माउंटेड सोनार ऐरे’ के लिए डायरेक्ट गियर और पोत अनुप्रयोगों के लिए इनर्शियल शिपिंग सिस्टम शामिल हैं.
सोनार पानी के अंदर और ऊपर के वस्तुओं का पता लगा सकता है. नवीनतम सिस्टम से नौसेना के नौवहन एवं संचार नेटवर्क में अच्छी-खासी बढ़ोत्तरी हो सकती है.

इस मौके पर जेटली ने स्वदेशीकरण के जरिए भारत की सैन्य क्षमताएं बढ़ाने में डीआरडीओ के प्रयासों की सराहना की. ये सिस्टम नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा को सौंपी गई.

डीआरडीओ प्रमुख एस क्रिस्टोफर ने अपने संबोधन में कहा कि रक्षा खरीद परिषद ने डीआरडीओ के लिए 2.56 लाख करोड़ रुपए के ऑर्डर को मंजूरी दी, जिसमें एक लाख करोड़ रुपए पिछले दो साल में रहे हैं.

जेटली ने डीआरडीओ की ओर से विकसित दो अन्य उत्पाद - आईपी आधारित ‘सेक्योर’ फोन और गॉलियम नाइड्राइड प्रौद्योगिकी भी जारी किए.

एक वैज्ञानिक ने बताया कि गॉलियम नाइड्राइड प्रौद्योगिकी से अगली पीढ़ी के रेडारों, अन्वेषकों और संचार प्रणालियों के विकास में बहुत मदद मिलेगी. इसका उपयोग हल्के लड़ाकू विमान में किया जा सकेगा.

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