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ISRO ने लॉन्च किया PSLV-C 43, चेयरमैन डॉ. के सिवन ने कहा-5 दिसंबर को लॉन्च होगा कुछ और नया

भारत 29 नवंबर को सुबह में श्रीहरिकोटा से अपने पीएसएलवी-सी43 रॉकेट का प्रक्षेपण किया

Updated On: Nov 29, 2018 05:36 PM IST

FP Staff

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ISRO ने लॉन्च किया PSLV-C 43, चेयरमैन डॉ. के सिवन ने कहा-5 दिसंबर को लॉन्च  होगा कुछ और नया

भारत ने 29 नवंबर को श्रीहरिकोटा से अपने पीएसएलवी-सी43 राकेट का प्रक्षेपण किया. यह रॉकेट पृथ्वी का निरीक्षण करने वाले भारतीय उपग्रह एचवाईएसआईएस और 30 अन्य सेटेलाइटों को अपने साथ अंतरिक्ष ले गया, जिनमें 23 अमेरिका के हैं.

सफल लॉन्च के बाद इसरो चेयरमैन डॉ. के सिवन ने कहा कि अभी हमारे सामने और भी चीजें हैं. श्रीहिरकोटा पर ट्रैफिक बहुत है. हम जल्द ही एक और शानदार मिशन को अंजाम देने जा रहे हैं और वो है जीसेट-11. यह भारत द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है. इसे फ्रेंच गुयाना से 5 दिसंबर को लॉन्च किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह दिसंबर में ही हमारा एक और मिशन है जो जीसेट-7ए वाला है. अगले साल हमारे सामने चंद्रयान-2 मिशन भी है.

इसरो के अनुसार पीएसएलवी-सीए 380 किलोग्राम का हायपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट (एचवाईएसआईएस) और 30 अन्य उपग्रह जिनका संयुक्त वजन 261.5 किलोग्राम है, लेकर जाएगा. पीएसएलवी रॉकेट की उपग्रह प्रक्षेपण प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होगी. पूरा मिशन रॉकेट के उड़ान भरने के 112 मिनट में पूरा हो जाएगा.

भारतीय अंतरिक्ष अनुंसान संगठन (इसरो) ने कहा कि पीएसएलवी की 45वीं उड़ान श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से भरी. उसने कहा, 'एचवाईएसआईएस पृथ्वी के निरीक्षण के लिए इसरो द्वारा विकसित किया गया है. यह पीएसएलवी-सी43 का प्राथमिक उपग्रह है.' इसरो ने कहा कि उपग्रह 636 किमी घ्रुवीय सूर्य समन्वय कक्ष (एसएसओ) में 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ स्थापित किया जाएगा. उपग्रह की अभियानगत आयु पांच साल है.

अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि एचवाईएसआईएस का प्राथमिक लक्ष्य इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वर्ण पट (स्पेक्ट्रम) के समीप इंफ्रारेड और शार्टवेव इंफ्रारेड क्षेत्रों में पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है. एजेंसी ने कहा कि एचवाईएसआईएसमें एक माइक्रो और 29 नेनो सेटेलाइट होंगे. ये उपग्रह आठ विभिन्न देशों के हैं. इन सभी उपग्रहों को पीएसएलवी-सी43 की 504 किमी वाली कक्षा में स्थापित किया जाएगा.

जिन देशों के उपग्रह भेजे जाएंगे उनमें अमेरिका (23 सेटेलाइट), आस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और स्पेन की एक-एक सेटेलाइट शामिल हैं. एजेंसी ने कहा कि इन उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए इसरो के वाणिज्यिक अंग एंट्ररिक्स कार्पोरेशन लि. के साथ वाणिज्यक करार किया गया है. पीएसएलवी इसरो का तीसरी पीढ़ी का प्रक्षेपण यान है.

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