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ISRO ने अपने Venus Project के प्रयोग के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिकों से मांगे प्रस्ताव

ISRO साल 2023 से अपना वीनस मिशन शुरू करने वाला है. वो इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार करने में लगा हुआ है

Updated On: Nov 12, 2018 06:26 PM IST

Bhasha

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ISRO ने अपने Venus Project के प्रयोग के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिकों से मांगे प्रस्ताव

Indian Space Research Organization (ISRO) साल 2023 से अपना वीनस मिशन शुरू करने वाला है. इसरो इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार करने में लगा हुआ है. इसी क्रम में इसरो के वैज्ञानिकों ने इस प्रस्तावित शुक्र मिशन पर नए प्रयोगों के लिए विश्व भर के वैज्ञानिकों से प्रस्ताव मांगा है.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बयान में कहा कि यह आमंत्रण विदेशी अंतरिक्ष संगठनों, रिसर्च लैबोरेटरीज और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स के वैज्ञानिकों के पास शुक्र पर अध्ययन करने का एक सुनहरा मौका दे रहा है.

आकार, द्रव्यमान, घनत्व, आयतन संरचना और गुरुत्वाकर्षण के कारण धरती के लिए शुक्र को अक्सर ‘जुड़वां बहन’ के रूप में दिखाया जाता है.

इसरो ने बताया कि उम्मीद की जाती है कि इसरो को अपने प्रस्ताव भेजने वाले वर्तमान में ग्रहों की खोज अध्ययनों, अंतरिक्ष के लिए विज्ञान उपकरणों के विकास, अंतरिक्ष योग्य प्रयोगों को विकसित करने, परीक्षण और उपकरण जांच के लिए संबंधित सुविधाओं तक पहुंच में शामिल होंगे.

शुक्र की कक्षा के लिए ये भारत का पहला मिशन है. मिशन वीनस के लिए इसरो के पास नई और बेहतर योजनाएं हैं. 2013 के नवंबर में इसरो के मंगल के सफल मंगलयान मिशन के बाद एजेंसी मॉडिफाइड और अपग्रेडेड खाकों के साथ काम कर रही है.

एजेंसी का यान इस ग्रह की सतह से 500 किमी से 60,000 किमी तक अंडाकार कक्ष में परिक्रमा करेगा. ये यान काफी कुछ मंगलयान जैसा होगा, लेकिन इसके प्रयोग काफी अलग होंगे.

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