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क्या नागराज सच में स्पाइडरमैन की नकल है?

अगर ध्रुव सबसे पॉपुलर सुपर हीरो है तो नागराज सबसे ताकतवर

Updated On: May 27, 2017 01:40 PM IST

Animesh Mukharjee Animesh Mukharjee

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क्या नागराज सच में स्पाइडरमैन की नकल है?

अगर सुपर कमांडो ध्रुव हिंदुस्तान का सबसे लोकप्रिय सुपरहीरो है तो नागराज सबसे ताकतवर नायक. ये बहस तो कॉमिक्स के दीवानों में चलती रहती है कि नागराज बेहतर है कि ध्रुव. थोड़ा गहराई से देखा जाए तो ध्रुव और नागराज के किरदार, उनकी कहानियों के ढंग और कॉमिक्स दर कॉमिक्स बढ़ती उनकी जर्नी में बहुत फर्क है.

इस पर बात करने से पहले बात करते हैं नागराज की ताकत और उस पर विदेशी सुपर हीरोज के कथित प्रभाव की

क्या नागराज स्पाइडरमैन की नकल है

इंटरनेट पर एक बात बार-बार पढ़ने को मिलती है कि नागराज स्पाइडर मैन का रिप ऑफ है. अगर आप को भी यही लगता है तो या तो आप सुपरहीरोज को समझे नहीं हैं या फिर आपने नागराज की कॉमिक्स को ढंग से नहीं पढ़ा है.

ये बात सही है कि नागराज की कलाइयों से सांप निकलना और उसका दीवारों पर चढ़ना स्पाइडरमैन से मिलता है लेकिन उसके किरदार की बाकी सारी बातें कई दूसरे सुपरहीरोज से मिलती हैं. मसलन उसे प्रोफेसर नागमणि ने एक किलिंग मशीन के तौर पर दुनिया के सामने पेश किया था.

Naagraj Dhruv

मगर बाबा गोरखनाथ ने उसकी याददाश्त मिटाकर उसे हीरो बनाया. इसके साथ ही नागराज की हीलिंग पावर का होना उसे वॉल्वरीन जैसा बनाता है. दूसरी ओर नागराज के बचपन में ही परिवार से अलग होने की कहानी और उसे सुपरमैन के करीब लाती है. अगर और गहराई से देखें तो उसकी आतंकवाद से लड़ने वाली इमेज उसे बैटमैन और उसका ग्रीन बॉडी सूट जैसा शरीर उसे ग्रीन लैंटर्न जैसा बनाता है.

मगर नागराज इन सबसे मिलते हुए भी इनकी नकल नहीं है. वो लोगन की तरह अकेले रहने वाला फ्रस्टेटेड आदमी नहीं है, स्पाइडरमैन जैसा कॉलेज का छात्र नहीं है. सुपरमैन की तरह पूर तरह से दोहरी जिंदगी नहीं जीता है. बैटमैन जैसे गैजेट नहीं रखता और ग्रीन लैंटर्न की तरह मस्खरा नहीं है.

पर वास्तविकता ये है कि पश्चिम की सुपरहीरो कॉमिक्स का संसार इतना बड़ा है कि आपको हर सुपरपावर किसी न किसी से मिलती हुई दिख जाएगी, जबकि नागराज ने मायथॉलजी को मिलाकर नागद्वीप और नागों से जुड़े हुए किरदारों का इतना बड़ा यूनिवर्स बना लिया है कि उसे किसी से प्रेरित कहना गलत होगा.

नागराज के तीन दौर

नागराज की शुरुआत 1986 में हुई. इसकी कहानी लिखने वाले थे परशुराम शर्मा और स्केचिंग संजय अश्टपुरे ने की थी. इसके बाद लंबे समय तक नागराज की स्केचिंग प्रताप मल्लिक करते रहे.

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नागराज की शुरुआती कॉमिक्स में कहानी पक्ष कमजोर होता था. ज्यादातर में नागराज किसी अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी को पकड़ता और कॉमिक्स खत्म हो जाती. ध्रुव की चुंबा का चक्रव्युह, रोमन हत्यारा, आत्मा के चोर या मैने मारा ध्रुव को जैसी कॉमिक्स में कहानी का जो सुख था वो नागराज की कॉमिक्स में कम मिलता था.

1995 में नागराज की कमान ध्रुव को बनाने वाले अनुपम सिन्हा ने संभाली, इसके बाद नागराज की कहानी में उसकी मिथकीय नागों की दुनिया अच्छे से डेवलप हुई. सोडांगी, विसर्पी और भारती जैसी लड़कियां नागराज की कहानी का अलग तरह से हिस्सा बनीं.

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उसके शरीर में रहने वाले सांपों की कहानी और नागराज से उनका रिश्ता डेवलप हुआ. इसी दौर मे इच्छाधारी नागराज जैसी कॉमिक्स भी आईं जिनमें नागराज की तमाम ताकतों को बताया गया है. इसके साथ ही कई ऐसे डायडेस्ट भी जिन्होंने बिक्री के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए.

नागराज का तीसरा दौर तब कहा जा सकता है जिसमें फ्रेंड ऑफ नागराज, नागायण जैसी सीरीज आईं. इस समय नागराज काफी कुछ बदला. सोडांगी के साथ उसकी प्रेम कहानी, नागरानी के साथ उसका बच्चा, नागराज का टीन एज वर्जन बहुत कुछ आया. इसमें से कई बदलाव नागराज की स्केचिंग में भी दिखते हैं. इन सारी बातों में कुछ को पाठकों ने पसंद किया और कुछ उन्हें अच्छी नहीं लगीं.

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हॉलीवुड की टक्कर का है नागराज

नागराज की कॉमिक्स हमेशा से ही ध्रुव से कुछ बड़े उम्र के पाठकों के लिए थी. एक ओर उसमें जहां हिंसा अपेक्षाकृत ज्यादा थी. वहीं कई महिला किरदारों का नाभि से नीचे की खुली टांगों वाली पोशाक, हल्के से क्लीवेज में दिखना आम था.

इसके साथ ही नागराज की कहानी में एक प्रेम त्रिकोण सा भी है. 90 के दशक के लिहाज से ये थोड़ी असामान्य बात थी. आज की तारीख में देखें तो इन सबको नागराज के रहस्यमयी बचपन और याद्दाश्त के साथ मिलाकर एक अच्छी फिल्म बनाई जा सकती हैं.

नागराज की ताकत और उसके कन्फ्लिक्ट्स के चलते ही उसपर टीवी सीरियल का प्लान किया गया था. इसके साथ-साथ नागराज का टीवी ऐड भी आता था जिसमें हीरो सोनू सूद नागराज बने थे.

नागराज पर बना सीरियल तीन एपिसोड में ही सिमट गया और कभी टीवी पर टेलीकास्ट नहीं हो पाया, इसकी सीडी बाद में कॉमिक्स के साथ दी गई. सीरियल की प्रोडक्शन क्वालिटी पर हम कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. इसका आनंद उठाइए और अगली किस्त का इंतजार करिए.

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