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सुषमा स्वराज की ट्विटर वॉल: जो चाहिए, सब मिलेगा

सुषमा ट्विटर पर आईं मदद की गुहारों पर तुरंत कार्रवाई करती हैं तो गलत डिमांड वालों को झिड़की देने से भी नहीं चूकतीं

Updated On: Jun 09, 2017 09:48 AM IST

Arun Tiwari Arun Tiwari
सीनियर वेब प्रॉड्यूसर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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सुषमा स्वराज की ट्विटर वॉल: जो चाहिए, सब मिलेगा

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ट्विटर वॉल 'जिन खोजा तिन पाइयां' की तर्ज पर चलती है. वैसे तो ऐसी घटनाएं पहले बहुत बार हुई हैं जब सुषमा स्वराज ने लोगों की गंभीर से गंभीर मदद सिर्फ एक ट्वीट पर की है. लेकिन गुरुवार को जब एक ट्विटर यूजर ने सुषमा के इन गंभीर प्रयासों का मजाक बनाने की कोशिश की तो उसे जवाब भी मजाक में ही मिला लेकिन पूरी ठसक के साथ.

करण सैनी नाम के एक ट्विटर यूजर ने सुषमा स्वराज को टैग करके लिखा, ‘ मैं मंगल ग्रह पर फंस गया हूं. मंगलयान से भेजा गया खाना (987 दिनों पहले) अब खत्म हो रहा है. मंगलयान-II कब भेजा जा रहा है.’

सुषमा स्वराज ने इस यूजर को जवाब दिया, ‘ अगर आप मंगल ग्रह पर फंस गए हैं तो वहां मौजूद भारतीय दूतावास आपकी मदद करेगा. ’

सुषमा स्वराज के इस जवाब के बाद उस ट्विटर यूजर एक और ट्वीट क्षमा मांगने के अंदाज में किया. इसमें उसने लिखा,  ‘सुषमा स्वराज और इसरो पर किया गया मेरा ट्वीट पूरी तरह मजाकिया अंदाज में था. इनके कामों के लिए हमारे मन में काफी इज्जत है.’

लेकिन इस मजाक से इतर अगर वाकई इस बात पर ध्यान दिया जाए कि विदेश मंत्री पिछले तीन सालों से अनवरत ऐसा कर रही हैं तो ये बेहद गंभीरता वाली बात है. सोशल मीडिया वर्तमान समय में बहस-मुबाहिसों से लेकर गंभीर चर्चा तक कई तरह तरीके के वास्तविक समाज से बहुत गहरे जुड़ा हुआ है.

सुषमा स्वराज ने अपनी ट्विटर वॉल का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया के संवेदनशील पक्ष और उसकी ताकत दोनों का इस्तेमाल करने की कोशिश की है. लेकिन सोशल मिडिया का एक और पक्ष जिसे कई लोग स्याह भी कहते हैं-ट्रोलिंग. उसका इस्तेमाल करने वाले ट्रोलर्स खुद को रोक नहीं पाते हैं. करण सैनी ने भले ही बाद में माफी मांग ली हो लेकिन उनका शुरुआती ट्वीट मजाक उड़ाते हुए ही था. हालांकि सुषमा स्वराज के जवाब से करण का ट्वीट उस पर उल्टा पड़ गया.

आप सुषमा स्वराज की ट्विटर वॉल पर जाएंगे तो पाएंगे कि वाघा बॉर्डर पार करते हुए उज्मा की तस्वीर लगी हुई. इस तस्वीर को पिन टू टॉप किया है. इस तस्वीर को ऊपर लगाने के पीछे की भावना को समझना बेहद जरूरी है. दरअसल ये तस्वीर उन प्रयासों को एक बार में समग्रता से बताती है जो विदेश मंत्री बीते कुछ सालों से लगातार करती आ रही हैं.

2016 की जुलाई में जब सुषमा स्वराज ने सऊदी में फंसे हजारों भारतीयों को बचाकर निकाला था तो अमेरिकी अखबार ने उन्हें ‘सुपर मॉम’ कहा था.

अखबार ने लिखा था कि सुषमा स्वराज लोगों की मदद इस तरह से कर रही हैं जैसे वो ‘मदर ऑफ स्टेट’ हों. वो पूरे दुनिया में फैले हुए भारतीयों की परेशानी में ट्विटर के जरिए दूर करने की कोशिश कर रही हैं.

अखबार की सुषमा स्वराज को दी गई संज्ञा कई मायनों में सही लगती है क्योंकि अगर आप उनकी वॉल नजर दौड़ाएं तो हर तरह के जवाब आपको मिल जाएंगे.

कई बार वो अपनी वॉल पर झाड़ भी लगाती हैं. गलत सवालों को नकार देती हैं तो मजाक का जवाब मजाकिए लहजे में देती हैं. गुरुवार को ही एक अन्य ट्विटर यूजर को उन्होंने कुछ यूं जवाब दिया.

ऐसा कई बार हुआ जब सुषमा स्वराज की बेहद गंभीर बातों पर ट्रोलर्स ने उन्हें ट्रोल किया. लेकिन उसके बाद भी कभी ऐसा नहीं लगा कि वो इन सारी बातों से झल्लाई हुई हैं. ट्रोलर्स को उन्हीं के अंदाज में जवाब देना और मददगार को मदद पहुंचाना आज भी जारी है. वाशिंगटन पोस्ट की उन पर टिप्पणी कई बार सही लगती है.

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