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विलासितापूर्ण जिंदगी की चाहत में नैतिक पतन के शिकार हो चुके हैं माओवादी

बिहार के सेन्ट्रल जेल में बंद एक कद्दावर माओवादी नेता ने स्वीकार किया, 'वसूली जा रही लेवी के बड़े हिस्से का मनोरंजन के नाम पर दुरुपयोग कुछ नेताओं द्वारा किया जाता है.

Kanhaiya Bhelari Kanhaiya Bhelari Updated On: Jul 14, 2018 09:36 AM IST

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विलासितापूर्ण जिंदगी की चाहत में नैतिक पतन के शिकार हो चुके हैं माओवादी

128 अपराधिक मामलों में आरोपी और 15 लाख के इनामी कुख्यात माओवादी लीडर कुंदन पाहन ने 14 मई , 2017 को सरेंडर किया. यकीनन ये झारखंड पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी. अभी कुछ सप्ताह पहले कुंदन पाहन ने एक विस्फोटक खुलासा किया है जिसने तथाकथित माओवादियों का असली चेहरा उजागर कर दिया था. पाहन ने पुलिस को बताया कि माओवादी नेता अब रास्ते से भटक गए हैं. भ्रष्ट और औरतखोर हो गए हैं. रंगीन जिंदगी व्यतीत करते हैं. यहां तक कि उन्हें रेप से भी परहेज नहीं है.

बीते 19 जून को मानव तस्करी के खिलाफ नुक्कड़ नाटक करने खूंटी जिला के कोचांग बस्ती इलाके में गईं 5 लड़कियों को अगवा कर गैंगरेप किया गया था. खबरें आ रही हैं कि रेप करने वाले सभी सात आरोपी माओवाद के समर्थक हैं और वे लोग पत्थलगड़ी आंदोलन में सक्रिय हैं. पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट भी कर लिया है. बाकी अब भी फरार हैं.

कई गिरफ्तार माओवादी महिलाओं ने किया है खुलासा

चर्चित कोचांग रेप की घटना ने कुंदन पाहन की वक्तव्य को सच के काफी करीब लाकर खड़ा कर दिया है. पटना पुलिस ने गत मंगलवार को एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार से 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने वाले दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया. पुछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया है कि एक बड़े नक्सल लीडर के आदेश पर रंगदारी कलेक्ट करने आए थे. मजेदार बात ये है कि लीडर महोदय रंगीन मिजाज के हैं और दिल्ली में खुलेआम विचरण करते हैं.

प्रतीकात्मक

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हाल ही में झारखंड पुलिस के एक बड़े अधिकारी बता रहे थे, 'पिछले 10 साल में प्रदेश में 100 के आस-पास महिला नक्सलियों ने या तो सरेंडर किया या उन्हें गिरफ्तार किया गया. सभी का आरोप है पुरुष कॉमरेडों ने जमकर उनका शारीरिक शोषण शोषण किया.' उन्हीं बदनसीबों में से एक 28 वर्षीय गुड़िया भी है जिसका कहना है कि कम से कम आधे दर्जन माओवादी नेताओं ने उसका शोषण किया है. उसने पुलिस को ऑन द रिकॉर्ड बयान दिया किया है, 'मुझे दार्जिलिंग और गोवा जैसे स्थानों पर ले जाया गया और लक्जरी होटल में रखा गया.' पीड़िता ने कुंदन पाहन का भी नाम लिया है.

वो पुलिस अधिकारी बताते हैं कि 2004 में माओवादी आंदोलन में शामिल होने वाले डॉक्टर संजय प्रमानिक ने अपने बयान में कहा है, 'मुझे चार या पांच लड़कियों के साथ ग्रुप सेक्स पसंद है'. प्रमाणिक आत्मसमर्पण करने से पहले कुंदन पाहन रेड आर्मी में काम किया करता था.

कई बड़े माओवादी नेताओं की खुली है पोल

रांची जिला में गरुपदी गांव की सुनीता कुमारी का भी नक्सलियों ने शोषण किया. उसने पुलिस को बताया, 'जब मेरे माओवादी पिता बंगाली मुंडा को गिरफ्तार कर लिया गया तो एक नक्सली कमांडर घर आया और वादा किया कि वो बेटी की तरह मेरी देखभाल करेगा. लेकिन उसने सैकड़ों बार मेरा शारीरिक शोषण किया.' उसने आगे बताया कि अब भी वो नक्सल लीडर चार लड़कियों का शारीरिक शोषण कर रहा है और केंद्रीय कमेटी भी उनके कुकर्मों से अवगत है. वो आगे बताती है कि आशा नाम की महिला साथी को दुष्टों ने गर्भवती कर दिया और जब किसी ने बाप बनना स्वीकार नहीं किया तो गर्भपात के बहाने दो साल पहले उसने पार्टी छोड़ दी.

झारखंड पुलिस अधिकारी सन्न हो गए जब एक मजबूत नक्सल नेता राजेश कुमार सिन्हा उर्फ उदयजी ने स्वीकार किया कि उसका तीन खुबसूरत महिलाओं के साथ अवैध संबंध है. इनमें से एक ब्रिटेन में रहती है. पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए उदयजी के सिर पर 5 लाख रुपए का इनाम था. उसे छत्तीसगढ़ कैडर के एक आईएएस अधिकारी के स्वामित्व वाले एक लक्जरी फ्लैट में गिरफ्तार किया गया था. माओ धारा को अंगीकार करने से पहले उदयजी यूपीएससी की परीक्षा में भी बैठा था.

अरबों की बेनामी संपत्ति बना रहे हैं ये नेता

हाल के वर्षों में गिरफ्तार माओवादी नेताओं की पूछताछ ने उनके द्वारा अर्जित धन और उनकी भव्य जीवन शैली के बारे में चौंकाने वाली जानकारी दी है. प्रमोद मिश्रा, जिन्हें धनबाद में गिरफ्तार किया गया, का बयान है कि वो मुख्य रूप से अपना भाग्य चमकाने और रंगीन जीवन बिताने के लिए माओवादी आंदोलन में शामिल हो गए थे. पुलिस के पास साबित करने के लिए पुख्ता प्रमाण है कि मिश्रा ने कोलकाता, दिल्ली, पटना और रांची के बैंको में करोड़ों रुपए जमा किए हैं. अरबों की बेनामी संपति अर्जित की है और रियल स्टेट में निवेश किया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर

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पुलिस का कहना है कि माओवादियों को अकेले बिहार और झारखंड से करीब 300 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष लेवी के रूप में प्राप्त होते हैं. बिहार के सेन्ट्रल जेल में बंद एक कद्दावर माओवादी नेता ने स्वीकार किया, 'वसूली जा रही लेवी के बड़े हिस्से का मनोरंजन के नाम पर दुरुपयोग कुछ नेताओं द्वारा किया जाता है.'

बिहार पुलिस ने माओवादी अंजू और गीता मुर्मू को गिरफ्तार किया जो कई मामलों में वांटेड थीं. दोनों बहनों का कहना है कि उन्हें अपने कमांडरों के साथ यौन संबंध रखने के लिए बहुत मारा-पीटा गया. अंजू ने पुलिस को बताया, 'मेरे सामने मेरी बहन के साथ माओवादी नेताओं द्वारा कई बार बलात्कार किया गया'. उसने बट्टू नामक एक माओवादी नेता का नाम भी बताया है.

( लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं.)

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