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जेवर कांड सुलझने के बजाए उलझता क्यों जा रहा है?

पीड़ितों के लगातार बदलते बयानों ने मामले की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिया है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: May 27, 2017 08:38 PM IST

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जेवर कांड सुलझने के बजाए उलझता क्यों जा रहा है?

जेवर कांड सुलझने के बजाए उलझता ही जा रहा है. इस अपराध को लेकर पिछले दो दिन में कई प्रकार के बयान सामने आए हैं. पीड़ितों के द्वारा लगातार बदलते बयानों ने मामले की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिया है. इसने घटना को नाटकीय मोड़ दे दिया है.

बीते दो दिन में दो तरह की बात सामने आई है. पहली, गैंगरेप की जो बात आ रही थी उसे मेडिकल रिपोर्ट में खारिज किया गया है. मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है. यानी उस रात बदमाशों ने सिर्फ लूटपाट की वारदात को ही अंजाम दिया था.

दूसरा, जेवर हत्या या कथित गैंगरेप मामले में उस समय एक नया मोड़ आया जब घटना में मारे गए व्यक्ति के रिश्तेदार ने शुक्रवार को कहा कि हमलावरों ने परिवार के लोगों से उनके मुसलमान होने को लेकर सवाल किया था. और पूछा था कि क्या वह बीफ खाते हैं. आरोप लगाने वाला व्यक्ति उन पीड़ितों में से एक है जिसे अपराधी घसीट कर खेत में ले गए थे.

Jewar Kand Victims

जेवर कांड ने यूपी की खराब कानून व्यवस्था को एक बार फिर उजागर किया है (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने हमसे पूछा क्या हम मुस्लिम हैं?

पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने हमसे पूछा कि क्या हम मुस्लिम हैं. हमने हां में जवाब दिया. इसके बाद उन्होंने पूछा कि क्या हम बीफ खाते हैं. हमने कहा नहीं. फिर, उन्होंने हमें पकड़ लिया और कहा कि वे हमें सबक सिखाएंगे.

हालांकि, व्यक्ति ने माना कि जेवर पुलिस स्टेशन में दी गई अपनी शिकायत में उसने इस बात का जिक्र नहीं किया है जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी.

इस चूक के लिए उसने हमले की वजह से अपनी मानसिक स्थिति का हवाला दिया. जेवर गैंगरेप कांड की पीड़ित महिलाएं गुरुवार शाम को दिए अपने बयान से शुक्रवार सुबह पलट गईं. पीड़ितों ने पहले अपने तीन पड़ोसियों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया था.

हम आपको बता दें कि बुधवार रात को जेवर-बुलंदशहर रोड पर साबौता और रामनेर गांव के जंगलों में एक परिवार को डकैतों ने बंधक बना लिया. डकैतों ने परिवार की चार महिलाओं से कथित तौर पर गैंगरेप किया. परिवार के एक सदस्य के विरोध करने पर डकैतों ने गोली मार कर उसकी हत्या कर दी थी.

इस मामले में पीड़ितों ने जेवर थाने में हत्या, डकैती, अपहरण और गैंगरेप का मामला दर्ज कराया था. एफआईआर में कहा गया था कि छह बदमाशों ने उनकी कार को पंचर कर दिया था. इसके बाद बदमाशों ने उन्हें घेर कर मारपीट की और गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.

जेवर कांड में पिछले 60 घंटे में यूपी पुलिस ने इलाके में सक्रिय 20 गिरोहों से पूछताछ की है. यूपी पुलिस ने इस पूछताछ में सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है.

यूपी पुलिस ने जो जांच टीम बनाई है उसमें 50 पुलिसकर्मी आरोपियों की तलाशी अभियान में जुटी हुई हैं. पुलिस के आलाधिकारी जल्दी ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रहे हैं.

Jevar Kand

जल्दी की इस घटना का पर्दाफाश करेंगे

गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी लव कुमार ने फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहा, ‘अपराधियों की तलाश में लोकल पुलिस, एसटीएफ और क्राइम ब्रांच समेत सात टीमें जुटी हुई हैं. पड़ोसी जिले बुलंदशहर, गाजियाबाद और अलीगढ़ की पुलिस टीमों से भी इस काम में सहयोग लिया जा रहा है. पुलिस आसपास के जिलों में भी दबिश दे रही है. हमलोग जल्द ही इस घटना का पर्दाफाश करने वाले हैं.’

लव कुमार आगे कहते हैं, ‘मैं आपको सारी बातें नहीं बता सकता. हम हर स्तर पर तकनीक और विशेषज्ञों का सहारा ले रहे हैं. जल्द ही हम इस मामले का खुलासा कर देंगे. घटना में अभी तक गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है. हमने पीड़ितों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेज दिए हैं. हम अभी भी उसी एफआईआर के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहे हैं जो पीड़ितों के द्वारा गुरुवार को दर्ज किया गया था.’

जांच टीम का कहना है कि हमलोग शुरुआती जांच में लोकल गिरोहों पर फोकस कर रहे हैं. जेवर और उसके आसपास सक्रिय छोटे-बड़े गिरोहों पर नजर रखी जा रही है. इसके अलावा, स्थानीय मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया गया है.

यूपी एसटीएफ के एएसपी राजीव नरायण मिश्र फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘बदमाशों की खोजबीन के लिए पुलिस की कई टीम काम कर रही है. हमलोग इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए बदमाशों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं. हमलोगों को अपराधियों के कुछ लीड मिले हैं. ट्रेवल करने वाले लोगों पर भी नजर रख रहे हैं. साथ ही कुछ स्थानीय गैंग की भी पहचान की गई है.’

अब सिर्फ लूट की बात सामने आ रही

राजीव नारायण मिश्र आगे कहते हैं, ‘पहले लूट और रेप दोनों एंगल से हमलोग जांच कर रहे थे. पर, अब सिर्फ लूट की बात ही सामने आ रही है.’

जेवर गैंगरेप कांड का खुलासा चार बातों पर टिकी हुई है. बदमाशों का हुलिया, उनकी भाषा, कदकाठी और उनकी मोबाइल से जुड़ी जानकारी. इनका पता चलते ही आरोपी बदमाश पुलिस के शिकंजे में होंगे.

Jevar Kand

जेवर के आसपास के गांवों में पुराने हिस्ट्रीशीटरों और गुंडों से पूछताछ चल रही है. घटना वाली रात उनके मोबाइल के लोकेशन का पता लगाया जा रहा है. सारे मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल निकाले जा रहे हैं.

इसके बावजूद भी जेवर गैंगरेप कांड की पड़ताल करने पर कई गलतियों सामने आई हैं. कुछ ऐसी गलतियां हैं जो पुलिस और पीड़ित परिवार के सदस्यों ने की हैं. उन्हीं गलतियों की वजहों से मामला इतना उलझ गया है.

पहली गलती

पीड़ित परिवार को बुलंदशहर ले जा रहे ड्राइवर ने गाड़ी के टायर पंचर होने पर अपने भाई को फोन किया था. यह कॉल रात 1.38 बजे किया गया. बातचीत के दौरान ही बदमाशों ने पीड़ित परिवार को घेर लिया और उसकी सारी बातें उसका भाई सुनता रहा. लेकिन उसने पुलिस को इसकी जानकारी 2.31 मिनट और 2.32 मिनट पर फोन कर दी.

दूसरी गलती

दूसरी गलती जो पुलिस से हुई वह यह थी कि लखनऊ नियंत्रण कक्ष ने नोएडा पुलिस को लगभग 3 बजे पूरी वारदात की जानकारी दी. यूपी पुलिस का कहना है कि ड्राइवर का भाई जो लखनऊ नियंत्रण कक्ष के ऑपरेटर को जानकारी दे रहा था वह अपनी बात सही ढंग से कह नहीं पा रहा था. तब तक रात के 3 बज गए थे.

तीसरी गलती

नोएडा पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) के पुलिसकर्मियों ने एसपी देहात को तीन बजे के आसपास कॉल की. नोएडा पीआरवी को घटनास्थल पर पहुंचने तक बदमाश वहीं मौजूद थे. बदमाश वारदात को अंजाम देकर पुलिस की आंखों के सामने से फरार हो गए. ऐसे में नोएडा पुलिस ने बदमाशों का पीछा क्यों नहीं किया. इसके जवाब में नोएडा पुलिस का कहना है कि उस समय पीआरवी में पुलिसकर्मी कम थे.

UP Police

कुल मिलाकर कहें तो आने वाले समय में यह घटना राजनीतिक रंग लेने वाली है. पुलिस जहां अपना काम कर रही है वहीं, राजनीतिक दलों ने भी अपना काम करना शुरु कर दिया है. चिंता सिर्फ इतनी है कि यह घटना भी दादरी कांड की तरह न हो जाए जिसमें पुलिस की जांच बीफ के इर्द-गिर्द ही घूमती रह गई थी.

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