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1000 करोड़ से भी अधिक संपत्ति के मालिक थे भय्यूजी!

उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति- आश्रम, प्रॉपर्टी और वित्‍तीय शक्‍तियों की जिम्‍मेदारी अपने वफादार सेवादार विनायक को दी है

FP Staff Updated On: Jun 15, 2018 06:52 PM IST

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1000 करोड़ से भी अधिक संपत्ति के मालिक थे भय्यूजी!

वो आध्यात्मिक नेता थे. शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें मंत्री का पद भी दिया हुआ था. इसके बावजूद भैय्यूजी ने कार और अन्य सुविधाओं को लेने से इनकार कर दिया था. वह धन संपत्ति से संपन्न थे और मध्य प्रदेश स्थित शुजालपुर के जमींदार परिवार से आते थे. उनके नाम के साथ भले ही महाराज जुड़ा हो और इतनी संपत्ति के मालिक हों, लेकिन वो धोती-कुर्ते की बजाए ट्रैकसूट या पैंट शर्ट में ही नजर आते थे. कभी किसान कि तरह अपने खेतों को जोतते नजर आते तो कभी क्रिकेट खेलते थे.

भय्यूजी महाराज ने हाल ही इंदौर स्थित अपने घर में खुद को गोली मार ली थी. जिसके बात उनकी मृत्यु हो गई. यह सुसाइड थी और भय्यूजी ने अपने पीछे एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था. इस नोट के दूसरे पन्‍ने में उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति- आश्रम, प्रॉपर्टी और वित्‍तीय शक्‍तियों की जिम्‍मेदारी अपने वफादार सेवादार विनायक को दी है. दिवंगत भय्यूजी महाराज को विनायक पर इतना भरोसा था कि उनकी जिंदगी से जुड़ी हर बात विनायक को पता होती थी. उनके हर फैसले में विनायक सहभागी होते थे. महाराज भी उनकी बात का आदर करते थे. यही कारण है कि उन्होंने संपत्ति के सारे अधिकार विनायक को सौंपे.

कितनी संपत्ति के मालिक थे भय्यूजी?

एक अनुमान के मुताबिक भय्यूजी महाराज की कुल संपत्ति एक हजार करोड़ रुपए के आसपास है. इंदौर में उनका सुखलिया स्थित सर्वोदय आश्रम सहित दो घर है. उन्हें लग्जरी गाड़ियों और स्विस घड़ियों का बहुत शौक था. भय्यूजी के पास 10 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियां थीं और सभी गाड़ियां सफेद रंग की थीं.

वो रोलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते थे और आलीशान भवन में रहते थे.एसयूवी में चलने के शौकीन भय्यूजी अपनी हाईप्रोफाइल लाइफ की वजह से भी चर्चा में रहते थे. उनका 'श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट 'देशभर में है. केवल महाराष्ट्र में ही इस ट्रस्ट के 20 से ज्यादा केंद्र हैं.

कौन हैं भैय्युजी?

भैय्युजी का असली नाम उदय सिंह देशमुख था. मूल रूप से उनका परिवार विदर्भ का रहने वाला था. अपने शुरुआती दिनों में भय्यूजी महाराज सियाराम शूटिंग शर्टिंग के लिए पोस्टर मॉडलिंग करते थे. 37 साल की उम्र में भैय्यूजी का झुकाव आध्यात्म की ओर हो गया और आगे चलकर वो 'गृहस्थ संत' हो गए.

हाईप्रोफाइल संत भय्यूजी महाराज अपने सामाजिक कार्यों के साथ-साथ अपनी लाइफस्टाइल के लिए भी जाने जाते थे. उनकी पहली पत्नी के निधन के बाद उन्होंने दूसरी शादी कर ली थी. उनकी खुदकुशी का एक कारण यह भी बताया जाता है कि उनकी दूसरी पत्नी और उनके बच्चे के बीच ठीक रिश्ते नहीं थे. संपत्ति को लेकर अक्सर दोनों के बीच बहस हुआ करती थी.

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