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देश में 2015 में घरों के भीतर प्रदूषण से 1.24 लाख लोगों की मौत: रिपोर्ट

कोयला बिजली प्लांट से 80,368 .परिवहन से 88,091 और उद्योगों से निकलने वाले धुंए से 1,24,207 लोगों की मौत हुई है

Bhasha Updated On: Oct 31, 2017 12:24 PM IST

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देश में 2015 में घरों के भीतर प्रदूषण से 1.24 लाख लोगों की मौत: रिपोर्ट

भारत में 2015 में घरों के भीतर प्रदूषण की वजह से 1.24 लाख लोगों की हुई मौत हुई है. चिकित्सा जगत की जानी मानी पत्रिका लांसेट में प्रकाशित  ‘द लांसेट काउंटडाउन: ट्रैकिंग प्रोग्रेस ऑन हेल्थ एंड क्लाइमेंट चेंज’ रिपोर्ट में ये बात कही गई है. घरों में वायु प्रदूषण के कारण हुई इन मौतों की संख्या कोयला बिजली प्लांट या अन्य औद्योगिक स्रोतों से होने वाले प्रदूषण के कारण हुई मौतों से अधिक है.

विशेषज्ञ भी लंबे समय से ये कहते रहे हैं कि भारतीय घरों में खासकर ग्रामीण इलाकों में भोजन बनाने के लिए ईंधन के रूप में लकड़ी या गोबर का इस्तेमाल और धुआं निकलने के लिए पर्याप्त साधन न होने के कारण वायु की गुणवत्ता घातक है.

रिपोर्ट में क्या कहा गया है?

इस रिपोर्ट ने विशेषज्ञों की ये बात स्थापित कर दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में अल्ट्राफाइन पार्टिकुलेट मैटर पीएम 2.5 की मौजूदगी के कारण वायु प्रदूषण के कारण साल 2015 में 5,24,680 लोगों की असामयिक मौत हुई है. इन मौतों का सबसे बड़ा कारण घरों के अंदर वायु प्रदूषण है जिसके कारण 1,24,207 लोगों की असामयिक मौत हुई.

कोयला बिजली प्लांट से 80,368 .परिवहन से 88,091 और उद्योगों से निकलने वाले धुंए से 1,24,207 लोगों की मौत हुई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 9,66,793 लोगों की असामयिक मौत के साथ चीन इस मामले में वर्ष 2015 में शीर्ष पर रहा लेकिन उसके मामले में इन मौतों का सबसे बड़ा कारण औद्योगिक स्रोतों से होने वाला प्रदूषण है.

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