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खाड़ी देशों में नौकरी करने कम जा रहे हैं भारतीय, 5 साल में 62% घटा आंकड़ा

सरकार ने खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाने वाले लोगों में आई कमी के लिए कई वजह गिनाई है.

Updated On: Jan 12, 2019 04:28 PM IST

FP Staff

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खाड़ी देशों में नौकरी करने कम जा रहे हैं भारतीय, 5 साल में 62% घटा आंकड़ा

रोजगार के चलते खाड़ी देशों में जाने वाले भारतीयों के आंकड़े में गिरावट दर्ज की गई है. साल 2017 के मुकाबले 30 नवंबर 2018 तक के 11 महीनों में खाड़ी जाने के लिए इमीग्रेशन क्लियरेंस में 21 फीसदी की कमी आंकी गई है. जिसके कारण यह आंकड़ा 2.95 लाख रहा.

वहीं अगर गल्फ देशों में रोजगार के लिए जाने वाले भारतीयों के पिछले पांच सालों के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इसमें तेज गिरावट देखी गई है. पिछले पांच सालों में खाड़ी देशों में जाने वाले भारतीय के आंकड़े में 62 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. साल 2014 में रोजगार के लिए खाड़ी देशों का रुख करने वालों में 7.76 लाख भारतीय थे. वहीं साल 2018 की तुलना में यह आंकड़ा 62 फीसदी गिर गया है. साल 2018 में 1.03 लाख यानी 35 फीसदी कामगार यूएई गए. इसके अलावा 65 हजार लोग सऊदी अरब, 52 हजार लोग कुवैत गए. वहीं साल 2017 में यूएई जाने वाले भारतीयों की संख्या 1.49 लाख थी.

दरअसल, सऊदी अरब की संशोधित निताकत (सऊदीकरण) योजना ने भारत समेत विदेशी कामगारों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है. नई योजना के मुताबिक सऊदी अरब की कुछ कंपनियां ही विदेशी कर्मचारियों को अपने यहां नौकरी पर रखने के लिए नए ब्लॉक वीजा का आवेदन कर सकती हैं. वहीं खाड़ी देशों में कतर ऐसा देश है जहां भारतीय कामगरों में इजाफा देखा गया. 2017 में 24 हजार कामगारों की तुलना में 2018 में ये आंकड़ा 31 फीसदी बढ़ा और 32 हजार लोगों ने कतर का रुख किया.

सरकार ने खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाने वाले लोगों में आई कमी के लिए कई वजह गिनाई. विदेश मंत्रालय के जरिए लोकसभा में दाखिल जवाब में कहा गया कि तेल की कीमतें गिरने के कारण खाड़ी देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे हैं. वहीं पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में ज्यादातर जगह अपने नागरिकों को नौकरी दिए जाने के कारण भारतीयों की संख्या में गिरावट आई है.

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