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मुनाफा के लिए रेलवे कुछ रूट्स पर AC 2 कोच को AC 3 में बदलेगा

रेलवे उन रूट्स पर ऐसा करने की योजना बना रहा है, जहां प्रीमियम ट्रेनों राजधानी और दुरंतों के एसी सेकंड क्लास में मुसाफिरों की संख्या कम है

FP Staff Updated On: Apr 17, 2018 09:26 PM IST

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मुनाफा के लिए रेलवे कुछ रूट्स पर AC 2 कोच को AC 3 में बदलेगा

भारतीय रेलवे आने वाले समय में राजधानी, दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में एसी सेकंड क्लास को एसी थर्ड क्लास में तब्दील कर सकता है. रेलवे उन रूट्स पर ऐसा करने की योजना बना रहा है, जहां इन प्रीमियम ट्रेनों के एसी सेकंड क्लास में मुसाफिरों की संख्या कम है.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार इसकी बड़ी वजह यह है कि फ्लेक्सी फेयर स्कीम आने के बाद इन ट्रेनों में किराया बेस फेयर की तुलना में 50 प्रतिशत तक बढ़ना है. कुछ रूट्स पर एसी सेंकड क्लास का किराया तकरीबन उड़ानों के किराए जितना है.

फ्लेक्सी फेयर नियम लागू होने से रेलवे को 862 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय हुई है. हाल के समय में इससे आरक्षित सीटों में भी 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वहीं कुछ खास क्लास विशेष तौर से एसी सेकंड और फर्स्ट क्लास में मुसाफिरों का आकर्षण कम हुआ है. इसकी बड़ी वजह कई बार टिकटों की कीमत फ्लाइट के बराबर या उससे महंगा हो जाना भी है. इस वजह से यात्री फ्लाइट से सफर करना पसंद करते हैं.

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दूरंतो एक्सप्रेस

एसी थर्ड क्लास के अलावा अन्य सभी आरक्षित क्लास घाटे में हैं

उन रूट्स में जहां राजधानी और दुरंतों का एसी सेकंड क्लास का किराया हवाई उड़ानों के बराबर है, वहां रेलवे की इसे एसी थर्ड क्लास से बदलने की योजना है. एसी थर्ड क्लास में सेकंड क्लास की तुलना में ज्यादा मुसाफिर यात्रा करते हैं और वो रेलवे को मुनाफा भी अधिक देता है. एसी थर्ड क्लास के अलावा अन्य सभी आरक्षित क्लास घाटे में हैं.

रेलवे बोर्ड के मेंबर जमशेद खान ने रेल मंत्रालय के अधिकारियों को यात्रियों के लिए किए जा रहे इस बदलाव की जरूरत पर फोकस करने और एक प्लान तैयार करने को कहा है.

रेलवे की कोशिश ट्रेनों में अधिक से अधिक एसी 3 टियर कोच इस्तेमाल में लाना है ताकि यात्रियों को भी इसका लाभ मिले और रेलवे को भी प्रति ट्रेन ज्यादा आय हो. रेलवे की 2018-19 में 1 हजार नए एसी 3 कोच बनाने की योजना है, जो एक रिकॉर्ड है. पिछले साल रेलवे ने 778 एसी 3 टियर कोच बनाए थे.

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