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अब ट्रेन की निचली बर्थ और त्योहारों का किराया होगा और भी मंहगा!

रेल यात्रियों को नीचे की बर्थ लेने के लिए और त्योहारों के सीजन में यात्रा करने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है

Updated On: Jan 17, 2018 11:39 AM IST

FP Staff

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अब ट्रेन की निचली बर्थ और त्योहारों का किराया होगा और भी मंहगा!

रेल यात्रियों को नीचे की बर्थ लेने के लिए और त्योहारों के सीजन में यात्रा करने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है. रेलवे की किराया समीक्षा समिति ने ये सिफारिशें की हैं. यदि रेलवे बोर्ड इन सिफारिशों को स्वीकार कर लेता है तो रेल यात्रियों को नीचे की बर्थ और त्योहारों के सीजन में टिकट बुक कराने पर ज्यादा पैसे देने होंगे.

एयरलाइंस और होटलों जैसा होना चाहिए रेलवे का मॉडल

सूत्रों ने बताया कि प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी किराया प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित समिति ने सुझाव दिया है, कि रेलवे को एयरलाइंस और होटलों की तरह डायनामिक मूल्य मॉडल अपनाना चाहिए. रेलवे कमिटी का मानना है कि जिस तरह से विमान में यात्रियों को आगे की लाइन की सीटों के लिए अधिक भुगतान करना पड़ता है, उसी तरह ट्रेनों में भी यात्रियों से उनकी पसंद की बर्थ के लिए अधिक किराया वसूला जाना चाहिए.

त्योहारों के सीजन में बढ़ाया जाए किराया

सूत्रों ने कहा कि सुविधाजनक टाइम-टेबल बनाया जाएगा और फिर विशेष मार्ग पर लोकप्रिय ट्रेनों का किराया बढ़ाया जा सकता है. समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि एक बार किराए बढ़ाने की बजाय रेलवे को त्योहारों के सीजन के दौरान किराया बढ़ाना चाहिए.

कम व्यस्त महीनों में किराये में कमी करनी चाहिए. इसके अलावा असुविधाजनक समय पर अपने गंतव्य पहुंचने वाली ट्रेनों के यात्रियों को रियायत दी जानी चाहिए.

किस समय पर पहुंचने वाली ट्रेनों को दी जा सकती है रियायत

मसलन रात 12 से सुबह 4 बजे और दोपहर को 1 बजे से शाम 5 बजे तक पहुंचने वाली ट्रेनों के यात्रियों को किराए में रियायत दी जा सकती है. समिति में रेलवे बोर्ड के अधिकारी, नीति आयोग के सलाहकार रविंद्र गोयल, एयर इंडिया की कार्यकारी निदेशक (राजस्व प्रबंधन) मीनाक्षी मलिक, प्रोफेसर एस श्रीराम और ली मेरिडियन दिल्ली के राजस्व निदेशक इति मणि शामिल हैं.

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समिति ने अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी है. समिति ने फ्लेक्सी किराया प्रणाली में इन बदलावों का सुझाव दिया है. इस प्रणाली में प्रीमियम ट्रेनों में किराया 50 फीसदी तक बढ़ जाता है जिसका विभिन्न डिपार्टमेंट से विरोध हो रहा है.

फ्लेक्सी किराया प्रणाली में आधार किराया प्रत्येक 10 प्रतिशत सीटों की बुकिंग के बाद 10 प्रतिशत बढ़ जाता है. यह बढ़ोतरी 50 प्रतिशत तक होती है. सूत्रों ने बताया कि समिति ने रातभर में यात्रा पूरी करने वाली और पैंट्री कार सुविधा वाली रेलगाडि़यों में प्रीमियम शुल्क का भी सुझाव दिया है.

(साभार न्यूज18)

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