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'फेक न्यूज' का शोर फालतू, अमेरिका से भी ज्यादा भरोसेमंद हैं भारतीय मीडिया की खबरें

80 प्रतिशत लोग भारत की मीडिया को ज्यादा सटीक और सही खबर देने वाला मानते हैं. सिर्फ 7 फीसद लोग अपने देसी मीडिया की खबरों पर भरोसा नहीं करते

FP Staff Updated On: Jan 12, 2018 11:57 AM IST

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'फेक न्यूज' का शोर फालतू, अमेरिका से भी ज्यादा भरोसेमंद हैं भारतीय मीडिया की खबरें

सोशल मीडिया के जमाने में जहां 'फेक न्यूज' और 'फेक मीडिया' जैसे जुमले हर दिन उछाले जाते हैं, वहां अगर भारतीय मीडिया की खबरों को तव्वजो मिल रही हो तो अहम बात है. एक सर्वे बताता है कि 'फेक न्यूज' के शोर-शराबों के बीच भारत के लोगों को देसी मीडिया की खबरें ज्यादा भरोसेमंद लगती हैं. खबरों के मामले में भारतीय मीडिया अमेरिका से ज्यादा विश्वस्त माना गया है. प्यू रिसर्च के एक हालिया सर्वे में यह बात सामने आई है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपे प्यू सर्वे के मुताबिक, भारत के जिन लोगों को सर्वे में शामिल किया गया, उनमें 80 प्रतिशत लोग भारत की मीडिया को ज्यादा सटीक और सही खबर देने वाला मानते हैं. सिर्फ 7 फीसद भारतीय ऐसे हैं, जिन्हें अपने देसी मीडिया की खबरों पर भरोसा नहीं है. जबकि 43 प्रतिशत अमेरिकी अपने यहां की खबरों को सही नहीं मानते. हालांकि 56 प्रतिशत अमेरिकी लोगों को अपने मेनस्ट्रीम मीडिया पर भरोसा कायम है.

ट्रंप का 'फेक मीडिया अवॉर्ड'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते 'फेक मीडिया अवॉर्ड' देने वाले हैं. यह अवॉर्ड उन मीडिया संस्थाओं को दिया जाएगा जो उनकी नजर में गलत रिपोर्टिंग करते हैं. इसके लिए उन्होंने बजाप्ता कई संस्थाओं के नाम भी उजागर किए हैं. मसलन-सीएनएन, न्यू यॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट. ट्रंप इन्हें फेक मीडिया बताते रहे हैं.

प्यू सर्वे में बताया गया है कि लगभग 72 फीसद भारतीय सरकारी कामकाज से जुड़ी रिपोर्टिंग को सही मानते हैं. अमेरिका में यह आंकड़ा 58 प्रतिशत है. भारत में 10 प्रतिशत और अमेरिका में 41 प्रतिशत लोग सरकार की रिपोर्टिंग से खुश नहीं हैं. हालांकि अमेरिका के 58 फीसद लोगों को इस पर भरोसा है.

राजनीतिक रिपोर्टिंग को लेकर भारत के 65 प्रतिशत लोग अपने मीडिया घरानों से खुश हैं. सिर्फ 16 फीसद लोग ही इसे नापसंद करते हैं. अमेरिका में इस पसंद और नापसंद का आंकड़ा क्रमशः 47 और 52 प्रतिशत का है. वैश्विक स्तर पर इसका औसत 52 और 44 प्रतिशत है.

लोकल खबरों में दिलचस्पी ज्यादा

भारत के लोग स्थानीय खबरों को चाव से देखना पसंद करते हैं. इनकी संख्या 61 फीसद के आसपास है, जबकि 41 प्रतिशत अमेरिकी लोकल खबरों में दिलचस्पी रखते हैं. दुनिया भर में इसका औसत निकालें तो यह आंकड़ा 37 प्रतिशत के आसपास बैठता है. भारत और इंडोनेशिया दो ऐसे देश हैं जहां राष्ट्रीय खबरों से ज्यादा लोकल खबरों को तवज्जो दी जाती है.

दुनिया में 57 प्रतिशत लोग ऐसे भी हैं जो लोकल और नेशनल खबरों को पीछे छोड़ते हुए इंटरनेशनल खबरों पर गौर फरमाते हैं. भारत में इन लोगों की संख्या 53 प्रतिशत है. यहां के 16 प्रतिशत लोग इंटरनेशनल खबरों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. 16 प्रतिशत भारतीयों को अमेरिका की खबरें अच्छी लगती हैं तो 28 प्रतिशत कनाडाई अमेरिकी खबरों को देखते-सुनते हैं.

सोशल मीडिया का क्रेज कम

सोशल मीडिया  पर 35 प्रतिशत लोग खबरें देखते हैं, जबकि 13 फीसद लोग ऐसे हैं जो दिन में एक-आध बार ही खबरों के लिए सोशल मीडिया का रुख करते हैं. 52 प्रतिशत लोग खबरों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग बिल्कुल नहीं करते. भारत में डेली न्यूज के लिए 15 प्रतिशत लोग सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं.

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