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आईएस के कब्जे में रहे भारतीय डॉक्टर ने सुनाई खौफ की कहानी

भारतीय डॉक्टर को 18 महीने पहले आईएस ने अगवा किया था

Updated On: Feb 26, 2017 09:22 AM IST

FP Staff

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आईएस के कब्जे में रहे भारतीय डॉक्टर ने सुनाई खौफ की कहानी

आईएस के चंगुल से छूटकर आए भारतीय डॉक्टर ने प्रधानमंत्री मोदी और एनएसए का शुक्रिया अदा किया है. डॉ राममूर्ति कोसानम आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के रहने वाले हैं. उन्हें लीबिया में आईएसआईएस ने अगवा कर लिया था.

डॉक्टर राममूर्ति के सुरक्षित वापस लाए जाने की जानकारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर दी थी. डॉक्टर राममूर्ति ने बताया है कि आईएस के लोग उन्हें डॉक्टर होने की वजह से अपने साथ ले गए. उन्होंने बताया है कि उन्हें सिर्फ डॉक्टर होने की वजह से जिंदा रखा गया. हालांकि इस दौरान उन्हें तीन बार गोली मारी गई. उनकी बांह और पैर में गोली लगी है.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि वे लोग मुझे ऑपरेशन थियेटर में ले जाते और ऑपरेशन करने को कहते. लेकिन उन्होंने एक बार भी किसी तरह का ऑपरेशन या स्टिचेज़ नहीं लगाए.

उन्होंने बताया है कि आईएस के आतंकियों ने उनके साथ एक और भारतीय को अगवा किया था. दोनों को सिर्ते के सेंट्रल जेल में रखा गया था, जहां पर उनकी दो और भारतीयों से मुलाकात हुई.

डॉक्टर राममूर्ति ने कहा है, ' वे लोग हमें वीडियो दिखाते. उन्होंने इराक, सीरिया, लीबिया और नाइजीरिया में जो किया है उसके वीडियो दिखाते. उन वीडियो को देखना खौफनाक होता.  '

आईएस के कब्जे से छूटकर आए राममूर्ति ने बताया है कि आईएस के लोग उन्हें इस्लाम की शिक्षा देते. उन्हें पांच वक्त का नमाज पढ़ने को कहा जाता था. प्रार्थना से पहले शरीर को साफ सुथरा रखने को कहा जाता.

डॉ राममूर्ति का 18 महीने पहले लीबिया से अगवा कर लिया गया था. उसके बाद से वो लगातार आईएस के चंगुल में थे.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके उनके भारत लाए जाने की जानकारी दी थी. उन्होंने लिखा था कि लीबिया में सभी छह भारतीयों को छुड़ा लिया गया है. ये हमारी टीम की बड़ी कामयाबी है.

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