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भारतीय सेना ने ‘एयर कैवलरी’ कॉन्सेप्ट का परीक्षण किया

‘एयर कैवलरी’ कॉन्सेप्ट के तहत लड़ाकू हेलिकॉप्टर टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ पूरी तरह समन्वय में साथ काम करते हैं

Updated On: May 13, 2018 07:45 PM IST

Bhasha

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भारतीय सेना ने ‘एयर कैवलरी’ कॉन्सेप्ट का परीक्षण किया

भारतीय सेना ने राजस्थान की रेतीली धरती पर एयर कैवलरी की कॉन्सेप्ट का परीक्षण करते हुए युद्धाभ्यास किया. अमेरिकी सेना ने वियतनाम युद्ध के दौरान दुश्मन की जमीनी सेना के ठिकाने की पहचान करने और उसपर हमला करने के लिए इसी कॉन्सेप्ट का इस्तेमाल किया था.

अपनी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सेना ने जमीन पर टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के समन्वय के साथ हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई के लिए की.

भारतीय सेना ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर यह अभ्यास किया जिसमें लड़ाकू हेलिकॉप्टरों को हासिल कर अपनी हवाई युद्ध क्षमता को मजबूत करना है.

भारतीय सेना के लिए यह एक नई कॉन्सेप्ट है और इसका मकसद जमीन पर टैंकों के साथ हवाई समन्वय में दुश्मन के खिलाफ दोहरी आक्रामकता से प्रहार करना है.

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टि . कर्नल मनीष ओझा ने पीटीआई को बताया , 'हाल में महाजन फायरिंग रेंज में हुए युद्धाभ्यास ‘विजय प्रहार’ के दौरान दक्षिण पश्चिम कमान ने ‘एयर कैवलरी’ की परियोजना का परीक्षण किया.' इस कॉन्सेप्ट को विस्तृत बातचीत के बाद लागू किया गया था.

सामान्य युद्ध परिस्थितियों में सेना द्वारा युद्धक हेलिकॉप्टरों को जरूरत के आधार पर बुलाया जाता है जब जमीन पर बल किसी वजह से दुश्मन पर काबू नहीं कर पाता है.

‘एयर कैवलरी’ कॉन्सेप्ट के तहत लड़ाकू हेलिकॉप्टर टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ पूरी तरह समन्वय में साथ काम करते हैं.

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