S M L

भारत में राफेल पर तकरार, पेरिस में वायुसेना कर रही इसका टेस्ट

एयर मार्शल नंबियार ने भारत के लिए दसाल्ट द्वारा बनाया गया पहला राफेल लड़ाकू विमान उड़ाया, इन विमानों को भारत को सौंपने का काम अगले साल सितंबर से शुरू होगा

Updated On: Sep 20, 2018 10:47 PM IST

FP Staff

0
भारत में राफेल पर तकरार, पेरिस में वायुसेना कर रही इसका टेस्ट

अपने देश में राफेल विमान सौदे को लेकर राजनीतिक गलियारों में गरमा-गरम बहस चल रही है लेकिन इन सबसे बेखबर भारतीय वायु सेना के अधिकारी इस लड़ाकू विमान को उड़ा कर इसकी बारिकियों से परिचित हो रहे हैं. भारतीय वायु सेना के उपप्रमुख एयर मार्शल रघुनाथ नंबियार ने गुरुवार को दसाल्ट एविएशन द्वारा भारत के लिए बनाए गए पहले राफेल लड़ाकू विमान को उड़ाया.

वायु सेना के एक अधिकारी ने बताया कि चार दिन पहले पेरिस पहुंचे नंबियार ने इसकी क्षमता का आकलन करने के लिए फ्रांस में यह विमान उड़ाया. दसाल्ट एविएशन द्वारा राफेल विमान बनाए जाने की प्रगति का आकलन करने के लिए वह फ्रांस गए हैं.

सूत्रों ने बताया कि एयर मार्शल नंबियार ने भारत के लिए दसाल्ट द्वारा बनाया गया पहला राफेल लड़ाकू विमान उड़ाया. इन विमानों को भारत को सौंपने का काम अगले साल सितंबर से शुरू होगा.

Photo Source- @strategic_front

Photo Source- @strategic_front

एयर मार्शल नंबियार तेजस जैसे लड़ाकू विमान को उड़ाने वाले पहले पायलट हैं. उन्होंने हाल ही में कहा था कि राफेल लड़ाकू विमानों के भारतीय वासु सेना में शामिल होने से भारत को अभूतपूर्व क्षमता और ताकत मिलने वाली है.

भारत के लिहाज से विमान तैयार करने और उसमें हथियार प्रणाली शामिल करने में दसाल्ट एविएशन की मदद करने के लिए भारतीय वायु सेना की एक टीम पहले से ही फ्रांस में मौजूद है. राफेल लड़ाकू विमानों की सरकारी खरीद से जुड़े समझौते पर जारी विवाद के बीच यह खबर आई है. भारत और फ्रांस के बीच 2016 में राफेल विमानों को लेकर 59,000 करोड़ रुपए का सौदा हुआ था. फ्रांस से भारत को 36 राफेल विमान मिलेंगे.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi