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रूस के मिसाइल सिस्टम से भारत करेगा आसमानी सीमा की अभेद सुरक्षा

भारत जल्द ही रूस के साथ एस-400 ट्रायंफ मिसाइल सिस्टम के लिए डील कर सकता है, इस सिस्टम से भारत की आसमानी सीमा सुरक्षा अभेद हो जाएगी

FP Staff Updated On: Jan 22, 2018 09:22 PM IST

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रूस के मिसाइल सिस्टम से भारत करेगा आसमानी सीमा की अभेद सुरक्षा

भारत अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद मित्र देश रूस से जल्द ही एक बड़ा करार करने वाला है. अगर यह करार हो जाता है तो भारत जमीन के साथ-साथ आसमान में भी अपनी सीमाओं की अभेद सुरक्षा करने में सक्षम हो जाएगा.

भारत जल्द ही रूस के साथ 39 हजार करोड़ रुपए की एस-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डील फाइनल करेगा. माना जा रहा है कि इसी साल या अगले साल तक यह डील हर हाल में फाइनल हो जाएगी. एस-400 ट्रायंफ मिसाइल सिस्टम से किसी भी हमले को नाकाम किया जा सकता है. इस सिस्टम से पड़ोसी देशों से आने वाली परमाणु खतरों को भी खत्म किया जा सकेगा.

एस-400 ट्रायंफ मिसाइल सिस्टम घातक होने के साथ-साथ तकनीक के लिहाज से भी काफी आगे है. यह युद्ध के दौरान दुश्मन की मिसाइल को हवा में नष्ट करने की क्षमता रखता है. इसमें लॉन्ग रेंज रडार सिस्टम शामिल है जो कि 300 किमी तक की रेंज में दुश्मन की मिसाइल को खत्म कर सकता है.

इस मिसाइल सिस्टम की सबसे खास बात यह है कि यह एक साथ 26 निशानों को सफलतापूर्वक भेद सकता है. इस सिस्टम में सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइल भी है जिनमें मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट करने में सक्षम है.

इस मिसाइल सिस्‍टम के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के बीच वर्ष 2016 में बातचीत हुई थी. अगर यह सौदा फाइनल हो जाता है तो रूस करीब 2 वर्ष के भीतर ही ये सिस्टम मुहैया कराने लगेगा. साथ ही साथ क्रूज मिसाइलों समेत सभी मिसाइलों को मुहैया कराने में रूस को 54 माह का समय लगेगा.

भारत के मिसाइल बेड़े में पहले से ही एक से बढ़कर एक मिसाइलें शामिल हैं. अगर यह मिसाइल भारत को मिल गया तो दुश्मनों के लिए यह किसी बड़े खतरे के लिए होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसा मिसाइल सिस्टम दुनिया के सिर्फ गिने चुने देशों के पास ही है.

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