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उरी हमले के दो आरोपी होंगे रिहा, एनआईए सबूत नहीं जुटा पाई

क्लोजर रिपोर्ट में दोनों आरोपियों के नाम नहीं हैं

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Feb 26, 2017 12:04 PM IST

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उरी हमले के दो आरोपी होंगे रिहा, एनआईए सबूत नहीं जुटा पाई

भारतीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उरी हमले के मददगार दो आरोपियों को छोड़ने का फैसला किया है. 18 सितंबर को उरी में सेना के एक बेस कैंप में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे.

हमले के तीन दिन बाद 21 सितंबर को भारतीय जांच एजेंसी ने हमलावरों के मददगार दो पाकिस्तानी युवकों को गिरफ्तार किया था. भारतीय जांच एजेंसी एनआईए ने दो पाकिस्तानी युवक फैजल हुसैन और अहसान खुर्शीद को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी का दावा किया था.

लेकिन, एनआईए ने जो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है उसमें दोनो युवकों का नाम रिपोर्ट से गायब है. इससे यह साबित होता है कि एनआईए के पास दोनों के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं है. भारतीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार दोनो युवकों के खिलाफ भारतीय सेना को दिए बयान के अलावा और कोई पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई.

पिछले 27 सितंबर को दर्ज बयान में दोनो ने खुलासा किया था कि उन्हें जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर की तरफ से भेजा गया था. दोनों ने बताया था कि उन्हें जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को उरी कैंप में हमले के लिए घुसने में मदद करनी थी. दोनों ने सेना को दिए बयान में उरी हमले के हमलावरों की फोटो भी दिखाई थी. जिसमें एक की पहचान हफीज अहमद के तौर पर की गई थी.

गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्र ने कहा है कि दोनों युवकों को उनके परिवार से मिलने के लिए छोड़ दिया जाएगा. दोनों युवक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रहने वाले हैं. गृह मंत्रालय ने इसके लिए सेना को भी सूचना दे दी है.

ऐसा भी कहा जा रहा है कि दोनों संदिग्ध युवकों के प्रति सरकार की नरमी पिछले दिनों पाकिस्तान द्वारा जासूसी के आरोप में पकड़े गए चंदू चौहान को छोड़ने के बाद बरती जा रही है.

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