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भारतीय नौसेना को मिला 'आईएनएस खंदेरी', मुंबई में हुआ लॉन्च

दिसंबर तक बंदरगाह और समंदर में कड़े परीक्षण और ट्रायल से गुजरने के बाद भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होगा

IANS Updated On: Jan 12, 2017 04:50 PM IST

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भारतीय नौसेना को मिला 'आईएनएस खंदेरी', मुंबई में हुआ लॉन्च

समुद्र की सतह और पानी के भीतर से वार करने वाली स्कॉर्पीन कैटगरी की दूसरी पनडुब्बी- 'आईएनएस खंदेरी' को गुरुवार सुबह मझगांव डॉक्सशिप बिल्डर्स लिमिटेड (एमडीबीएल) में लॉन्च किया गया.

इस साल नौसेना की पनडुब्बी शाखा की स्वर्ण जयंती के मौके पर रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे, रक्षा और भारतीय नौसेना के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे.

इस अवसर पर भामरे ने कहा 'वह दिन दूर नहीं जब भारत दूसरे देशों के लिए भी पनडुब्बियों का निर्माण करेगा'.

Second Scorpene class #Submarine #Khanderi launched in Mumbai.

'आईएनएस खंदेरी' पनडुब्बी को दिसंबर तक बंदरगाह और समंदर में कड़े परीक्षण और ट्रायल से गुजरना पड़ेगा. इसके बाद ही इसे भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा.

'आईएनएस खंदेरी' में क्या है खास?

डीजल और बिजली से चलने वाली ये पनडुब्बी दुश्मन नेवी पर हमला करने में कारगर साबित होगी. पनडुब्बी दुश्मन की पकड़ से बचने के लिए आधुनिक स्टेल्थ फीचर से लैस है. सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइल के जरिए ये पनडुब्बी दुश्मन के छक्के छुड़ा सकती है.

सबमरीन को दुनिया के सभी हिस्सों में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है. आधुनिक संचार तकनीक इसकी क्षमता को बढ़ाती है. पनडुब्बी के जरिए ऐंटी-सरफेस और ऐंटी-सबमरीन लड़ने के अलावा खुफिया सूचनाएं भी जुटाई जा सकती हैं. इसके अलावा ये सबमरीन माइंस बिछाने और इलाके की निगरानी करने में भी सक्षम है.

मराठा इतिहास से मिला नाम

'आईएनएस खंदेरी' पनडुब्बी का नामकरण मराठा सेना के एक किले पर रखा गया है. एक द्वीप पर बने इस किले ने सत्रहवीं सदी में मराठों का वर्चस्व कायम करने में मदद की थी.

2015 में 'आईएनएस कलवरी' लॉन्च  

स्कॉर्पीन सीरीज की पहली पनडुब्बी 'आईएनएस कलवरी' को अप्रैल 2015 में लॉन्च किया गया था. हालांकि इसका ट्रायल अभी जारी है.

उम्मीद है कि 'आईएनएस कलवरी' इस साल जून तक नेवी के बेड़े का हिस्सा बन जाएगी.

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