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चीन को पछाड़ कर भारत बना ग्लोबल ग्रोथ का केंद्र

सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में भारत औसतन 7.7 फीसदी की सालाना ग्रोथ के साथ 2025 तक टॉप पर बना रहेगा

Updated On: Jul 09, 2017 03:35 PM IST

FP Staff

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चीन को पछाड़ कर भारत बना ग्लोबल ग्रोथ का केंद्र

चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है. भारत, चीन को पीछे छोड़कर ग्लोबल ग्रोथ के इकनॉमिक पोल (आर्थिक केंद्र) के रूप में उभरा है. यह बात हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक नई स्टडी में कही गई है. स्टडी में कहा गया है कि आने वाले दशक में चीन के मुकाबले भारत अपना दबदबा बनाए रखेगा.

2025 तक टॉप पर रहेगा भारत

हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (CID) के ग्रोथ संबंधी अनुमान के मुताबिक, सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में भारत औसतन 7.7 फीसदी की सालाना ग्रोथ के साथ 2025 तक टॉप पर बना रहेगा.

CID रिसर्च में कहा गया है, ‘पिछले कुछ सालों में ग्लोबल ग्रोथ का इकनॉमिक पोल चीन से पड़ोसी देश भारत की ओर चला गया है, जो यहां आगामी दशक के दौरान बन रह सकता है.’ स्टडी में कहा गया है कि भारत में नए क्षेत्रों में डायवर्सिफाई करने के लिए बेहतर स्थिति में है. ग्रोथ अनुमान में कहा गया है कि भारत ने केमिकल्स, व्हीकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे जटिल सेक्टर्स को शामिल करके अपने एक्सपोर्ट बेस की विविधता बढ़ाई है.

तेज ग्रोथ हासिल करने में मिलेगी मदद

स्टडी के मुताबिक, ‘प्रमुख ऑयल इकनॉमी को एक संसाधन पर निर्भर रहने के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम ने नई क्षमताएं जोड़ी हैं, जो कि इन्हें ज्यादा विविधता भरे प्रॉडक्शन में मदद करेगा और आने वाले सालों में यह देश कहीं तेज ग्रोथ हासिल कर सकेंगे.’

स्टडी में कहा गया है कि इकनॉमिक ग्रोथ किसी एक आसान पैटर्न को फॉलो करने में नाकाम रही है. CID की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘जिन देशों (भारत, तुर्की, इंडोनेशियो, युगांडा और बुल्गारिया) की ग्रोथ तेज रहने की उम्मीद की जा रही है, वह राजनीतिक, संस्थागत, भौगोलिक और जनसांख्यिकी सभी मोर्चों पर विविधता से भरे हैं.’

(साभार: न्यूज़18)

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