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भारत पुराने कर्ज से निपटने के लिए कठोर कदम उठा रहा है: रिपोर्ट

बैंकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपए से लेकर 12 लाख करोड़ रुपए तक की राशि कर्ज में फंसी पड़ी है

Updated On: May 12, 2017 07:25 PM IST

Bhasha

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भारत पुराने कर्ज से निपटने के लिए कठोर कदम उठा रहा है: रिपोर्ट

फिच रेटिंग ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय प्रशासन बैंकिंग क्षेत्र में पुराने फंसे कर्ज की समस्या से निपटने के लिये ठोस प्रयास कर रहा है लेकिन उसकी इस पहल से निकट भविष्य में बैंक के मुनाफे पर असर पड़ सकता है.

एजेंसी ने कहा है कि अगले कुछ सालों के दौरान बैंकिंग क्षेत्र में फंसे कर्ज की समस्या केंद्र में बनी रहेगी और उनमें नुकसान बढ़ने की स्थिति में पहले से कमजोर कुछ बैंकों को यदि अनुमानित पूंजी नहीं मिलती है तो वह न्यूनतम पूंजी जरूरत की सीमा में भी नहीं रह पाएंगे.

पिछले कुछ दिनों में भारत में जो भी कदम उठाये गए उनसे यही आभास होता है कि प्रशासन बैंकों में फंसे कर्ज की समस्या से निपटने के लिए अधिक मजबूत प्रयास कर रहा है.

सरकार के कदम से बैंकिंग क्षेत्र में मजबूती आएगी

फिच ने कहा, ‘भविष्य में इसके लिए बैंकों को अधिक प्रावधान करना होगा और इसका मतलब होगा कि बैंकों के मुनाफे पर लगातार दबाव बढ़ेगा.’ कुल मिलाकर सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में स्थिति को साफ सुथरा बनाने का जो काम शुरू किया है, उससे क्षेत्र में मजबूती आएगी.

बैंकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपए से लेकर 12 लाख करोड़ रुपए तक की राशि कर्ज में फंसी पड़ी है. इसमें पुराना कर्ज, रिस्ट्रक्चरिंग लोन और कंपनियों को मिलने वाला अग्रिम शामिल है जिनकी समय पर वसूली नहीं हो पा रही है.

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