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पीएम के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर संकट, जमीन अधिग्रहण में मुश्किल

फल उत्पादकों और किसानों की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है

Updated On: Jun 12, 2018 02:48 PM IST

FP Staff

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पीएम के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर संकट, जमीन अधिग्रहण में मुश्किल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट मुश्किलों में पड़ता दिखाई दे रहा है. फल उत्पादकों और किसानों की वजह से यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है. दरअसल 17 बिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट के लिए भारत को दिसंबर तक सही जमीन का अधिग्रहण करने का समय मिला था. लेकिन फल उत्पादकों के विरोध प्रदर्शन की वजह से यह काम रुका हुआ है. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक यह पीएम मोदी का सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है जिसमें लगातार देरी हो रही है.

पीएम ऑफिस कर रहा प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग

पीएमओ इस प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग कर रहा है. अधिकारी जापान को आश्वस्त करना चाहते हैं कि महाराष्ट्र के आम उत्पादकों और चीकू किसानों के साथ जुड़ी समस्याओं को बातचीत के जरिए जल्द सुलझा लिया जाएगा.

आम उत्पादकों के विरोध प्रदर्शन को स्थानीय नेताओं का समर्थन मिल रहा है. पिछले कुछ महीनों में प्रदर्शन इसलिए ज्यादा भड़क गया है क्योंकि 108 किमी. के हिस्से को बचाने की कोशिश की जा रही है. जो कि पूरे बुलेट ट्रेन कॉरीडोर का पांचवा हिस्सा है. यह अहमदाबाद को मुंबई से जोड़ेगा.

किसान जमीन के बदले मांग रहे सरकारी नौकरी

62 साल के चीकू उगाने वाले किसान दशरथ पूरव का कहना है कि वह 30 सालों से अपनी जमीन को विकसित करने के लिए मेहनत कर रहे हैं और अब सरकार कह रही है कि ये जमीन उसे दे दो. दशरथ ने कहा कि सरकार को जमीन देने के लिए उन्होंने काम नहीं किया है, उन्होंने अपने बच्चों के लिए यह जमीन तैयार की है.

दशरथ ने कहा कि वह केवल तभी जमीन दे सकते हैं जब उनके दोनों बेरोजगार बेटों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया जाए. वहीं नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रवक्ता धनंजय कुमार ने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट के लिए भारत में जमीन का अधिग्रहण करना सबसे मुश्किल काम है. यहां भी हमें विरोध की वजह से जमीन अधिग्रहण करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

अगर नहीं मिली जमीन तो जापान से लोन मिलने में होगी देरी 

भारतीय रेलवे के दो सीनियर अधिकारियों ने बताया कि अगर तय सीमा में जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाता है तो जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी(JICA) की तरफ से मिलने वाले लोन में देरी होगी, यह एक सरकारी निकाय है जोकि अगले महीने प्रोजेक्ट का रिव्यू करेगा. JICA की प्रवक्ता ने कहा कि भारत को स्थानीय निवासियों के लिए स्थानांतरण योजना लानी होगी और इस योजना को सार्वजनिक करना होगा. उन्होंने कहा कि सारी औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगेगा.

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