S M L

26/11 हमले के 10 साल बाद आतंक के खिलाफ लड़ने के लिए भारत बेहतर तरीके से तैयार: सुनील लांबा

एडमिरल लांबा ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले की 10वीं बरसी की पूर्वसंध्या पर कहा, ‘हम उसके बाद काफी आगे आ गए हैं'

Updated On: Nov 25, 2018 06:46 PM IST

Bhasha

0
26/11 हमले के 10 साल बाद आतंक के खिलाफ लड़ने के लिए भारत बेहतर तरीके से तैयार: सुनील लांबा

नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने कहा है कि 10 साल पहले मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के बाद अब भारत बेहतर तरीके से तैयार और बेहतर रूप से समन्वित है. इसके लिए बहुस्तरीय समुद्री निगरानी सहित कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं.

एडमिरल लांबा ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले की 10वीं बरसी की पूर्वसंध्या पर कहा, ‘हम उसके बाद काफी आगे आ गए हैं.’

नौसेना प्रमुख ने कहा कि तटीय सुरक्षा के मामले में प्रतिमान बदलाव हुए हैं क्योंकि जोखिम वाले जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है और बहुस्तरीय समुद्री निगरानी और सुरक्षा ढांचा लागू किया गया है जिससे समुद्री तट लगभग अभेद्य बन गया है.

भारत पर उसी तरह के हमले के लिए आतंकवादियों द्वारा समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करने की आशंका के बारे में पूछे जाने पर एडमिरल लांबा ने कहा, ‘देश अब बेहतर तरह से तैयार और बेहतर तरह से समन्वित है.’

उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अब शक्तिशाली बहु-आयामी बल है जो समुद्र में भारत के हितों की रक्षा कर रही है और वह समुद्री क्षेत्र में देश के सामने उत्पन्न होने वाले किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है.

10 साल पहले समुद्र के रास्ते मुंबई में घुसे थे आतंकवादी

26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने कराची से समुद्र के रास्ते नाव से मुंबई में प्रवेश किया था. इन आतंकवादियों ने छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनस, ताजमहल होटल, ट्राइडेंट होटल और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया. ये सभी देश की  मुंबई के प्रमुख स्थल हैं.

करीब 60 घंटे चले इस हमले में 166 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें 28 विदेशी नागरिक शामिल थे. इस हमले से पूरे देश को झकझोर दिया था और भारत और पाकिस्तान युद्ध की कगार पर आ गए थे.

यह भारत के इतिहास का सर्वाधिक भीषण आतंकवादी हमला था. इसे देश की संप्रभुता पर एक हमले के तौर पर देखा गया और इससे समुद्री सुरक्षा तंत्र में खामियां उजागर हुईं.

चीफ्स आफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन एडमिरल लांबा ने कहा कि देश के तटीय आधाभूत ढांचे में कमियों और जोखिमों को दूर कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि एक मजबूत निगरानी तंत्र लागू किया गया है जिसमें 42 राडार स्टेशन हैं, जिन्हें गुरुग्राम मुख्यालय वाले एक नियंत्रण केंद्र से जोड़ा गया है. जारी

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi