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12वीं पास की क्लर्क की नौकरी के लिए तेलगांना में पीएचडी और इंजीनियरों ने अप्लाई किया

आवेदन करने वालों में से 372 लोग पीएचडी हैं, 539 एम.फिल हैं, 1.5 लाख स्नातकोत्तर हैं, चार लाख से अधिक स्नातक लोगों में से 2 लाख से ज्यादा इंजीनियर हैं

Updated On: Sep 18, 2018 05:50 PM IST

FP Staff

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12वीं पास की क्लर्क की नौकरी के लिए तेलगांना में पीएचडी और इंजीनियरों ने अप्लाई किया

तेलंगाना में 700 नौकरियों के लिए एक लाख लोगों ने आवेदन किया है. उनमें से सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिन्होंने पीएचडी और एम.फिल कर रखी है और लाखों स्नातकोत्तर या इंजीनियर हैं. और ये सारे आवेदन उस पोस्ट के लिए जिसके लिए योग्यता सिर्फ 12वीं क्लास पास होना है.

तेलंगाना में ग्राम राजस्व अधिकारी (वीआरओ) के पद के लिए आवेदन करने वाले 10.58 लाख लोगों में से 80 प्रतिशत परीक्षा में बैठे थे. वीआरओ की पोस्ट के लिए पिछली बार आवेदन 2011 में आमंत्रित किए गए थे. तब भी तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के संयुक्त राज्य में में 6 लाख लोगों ने आवेदन किया था.

तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (टीएसपीएससी) के पास ओटीआर या वन टाइम रजिस्ट्रेशन का एक अनोखा सॉफ्टवेयर है. इस सॉफ्टवेयर के जरिए पता चल जाता है कि किसने अप्लाई किया है. और इस सॉफ्टवेयर ने जो डाटा बताया वो हास्यास्पद है. एनडीटीवी के मुताबिक आवेदन करने वालों में से 372 लोग पीएचडी हैं, 539 एम.फिल हैं, 1.5 लाख स्नातकोत्तर हैं, चार लाख से अधिक स्नातक लोगों में से 2 लाख से ज्यादा इंजीनियर हैं. टीएसपीएससी ने माना कि यह बहुत योग्य लोग और बहुत ही कम नौकरियों का मामला है.

सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाती है सरकारी नौकरी:

टीएसपीएससी के चेयरमैन घंटा चक्रपाणी का कहना है, 'सरकारी नौकरी में सुरक्षा, अच्छे वेतन और सामाजिक प्रतिष्ठा की वजह से सभी लोग इसे पाना चाहते हैं. साथ ही हर पांच साल में वेतन संशोधन भी होता है और कर्मचारियों को 30-40 फीसदी की वृद्धि मिलती है.'

इसके अलावा वीआरओ वास्तव में गांव में एक कलेक्टर की तरह होता है. 'भले ही ये निम्नतम स्तर पर दिखाई देता हो लेकिन होता बहुत शक्तिशाली है. और अन्य साधनों के माध्यम से प्रति माह 2 लाख रुपये तक की कमाई के लिए जाने जाते हैं. तो फिर आखिर लोग इस नौकरी के लिए परेशान न रहेंगे?' एक राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषक ने कहा.

हालांकि उपलब्ध नौकरियों और योग्य उम्मीदवारों के बीच की इस भारी विसंगति का दूसरा बड़ा कारण यह है कि तेलंगाना में इंजीनियरिंग कॉलेजों की भरमार है.

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