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छत्तीसगढ़: नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा की सड़कों पर महिलाएं चला रही हैं ई-रिक्शा

महिला सश्क्तिकरण कार्यक्रम के तहत बांटे गए ई-रिक्शा चलाकर ये महिलाएं आर्थिक तौर पर मजबूत हुई हैं

Manish Kumar Manish Kumar Updated On: Oct 02, 2017 07:59 PM IST

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छत्तीसगढ़: नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा की सड़कों पर महिलाएं चला रही हैं ई-रिक्शा

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में इन दिनों अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. ड्राइवर के ड्रेस में महिलाएं धूल भरी सड़कों पर सरपट ई-रिक्शा दौड़ा रही हैं.

महिला सशक्तिकरण और उन्हें स्वावलंबी बनाने के तहत राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पिछले महीने स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की 51 महिलाओं के बीच ई-रिक्शा का वितरण किया था.

इस एक महीने के दौरान सरकार की ओर से लाभार्थी महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने संबंधी प्रशिक्षण दिया गया. जिसके बाद ये सभी महिलाएं हरे रंग के ई-रिक्शे को लेकर दंतेवाड़ा की सड़कों पर उतरीं. सरकार की ओर से इन महिलाओं को एक स्मार्टफोन भी उपलब्ध करवाया गया है जिसमें इनकी सुरक्षा के लिए एक एप भी है. इस सुरक्षा एप की मदद से महिलाएं किसी भी मुसीबत में जरूरत पड़ने पर मदद मांग सकती हैं.

प्रशिक्षण हासिल करने वाली स्वयं सहायता समूह की ये महिलाएं सड़कों पर ई-रिक्शा चलाकर रोजगार हासिल कर रही हैं. सुकमति नाम की महिला ने बताया कि उन्हें ई-रिक्शा चलाने में कोई परेशानी नहीं आती और इसे चलाकर वो अच्छा महसूस करती हैं. इसे चलाने से उन्हें आमदनी भी हो रही है.

स्वयं सहायता समूह की संयोजक ने कहा कि दंतेवाड़ा में पहली बार महिलाएं ई-रिक्शा लेकर सड़क पर उतरी हैं. ट्रेनिंग को लेकर शुरूआत में हम आश्वस्त नहीं थे मगर फिर महिलाएं प्रशिक्षण के लिए आने लगीं. ट्रेनिंग हासिल करने वाली हर महिला ड्राइवर ई-रिक्शा चलाकर प्रति दिन लगभग 350 रुपए कमा ले रही है.

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