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J&K सरकार ला रही है पॉलिसी: आतंकी करे सरेंडर तो मिलेगा रोजगार

'रीइंटिग्रेशन स्कीम' के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार ऐसे परिवार और दोस्तों को भी सम्मानित करेगी, जो आतंकी बनने की मंशा लिए युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेंगे

FP Staff Updated On: Jan 27, 2018 12:34 PM IST

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J&K सरकार ला रही है पॉलिसी: आतंकी करे सरेंडर तो मिलेगा रोजगार

भटके कश्मीरी युवाओं को आतंकवादी बनने से रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई पहल कर रही हैं. इसके तहत जम्मू-कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार मार्च में नई सरेंडर और रिहैबिलिटेशन स्कीम लाने जा रही है. आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर में 14 साल में ऐसा पहली बार होगा, जब इस तरह की कोई स्कीम लाई जाएगी.

केंद्र सरकार ने महबूबा सरकार को कोई ऐसी सरेंडर स्कीम बनाने की बात कही थी जिससे प्रदेश के भटके युवाओं को मुख्यधारा में लाया जा सके.

अब 'रीइंटिग्रेशन स्कीम' के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार ऐसे परिवार और दोस्तों को भी सम्मानित करेगी, जो आतंकी बनने की मंशा लिए युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेंगे.

गृह मंत्रालय, जेके पुलिस और CRPF का साझा प्रयास

जम्मू-कश्मीर पुलिस के कई सीनियर अधिकारी इस स्कीम के ड्राफ्ट पर काम कर रहे हैं. 'न्यूज़18' की खबर के मुताबिक, 'रीइंटिग्रेशन स्कीम' गृह मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आर्मी और सीआरपीएफ का साझा प्रयास होगा.

ड्राफ्ट में बताया गया है कि प्रस्तावित स्कीम उन लोगों को सम्मानित करेगा जो भटके युवाओं के घर लौटने में मदद करेंगे. इसके साथ ही सरकार आतंक का रास्ता छोड़ने वाले युवा और उसके परिवार की सुरक्षा भी तय करेगी. सरकार की यह जिम्मेदारी होगी कि आतंक का रास्ता छोड़ चुके युवा को नौकरी या रोजगार पाने में कोई दिक्कत पेश न आए.

'सरेंडर नीति' नाम पर सस्पेंस

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हम इसे सरेंडर स्कीम नहीं कहेंगे, क्योंकि इससे निगेटिव छवि बनती है. हम इसकी जगह कुछ दूसरे नामों पर गौर कर रहे हैं. इसे रीइंटिग्रेशन स्कीम कहा जा सकता है'. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इससे घाटी में शांति कायम करने में मदद मिलेगी.

हाल ही में गृह मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर सरकार के बीच एक बैठक में भटके युवाओं के पुनर्वास की जरूरत पर बल दिया गया. बैठक में केंद्र सरकार ने महबूबा सरकार को निर्देश दिया था कि कोई ऐसी स्कीम लाई जाए, जिससे घाटी के युवा आतंक की राह छोड़कर वापस लौट आएं.

हाल में गृह मंत्रालय ने कहा कि नई सरेंडर और रिहैबिलिटेशन स्कीम के तहत आतंक छोड़ वापस आने वाले युवाओं को आर्थिक मदद और ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वो कोई रोजगार कर सकें, सम्मानजनक जिंदगी जी सकें.

बता दें कि कश्मीर सरकार ने घाटी में साल 2016 में हिंसा के दौरान पैलेट गन से घायल 13 लोगों को दया के आधार पर नौकरियां उपलब्ध कराई हैं.

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