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सरकारी मीटिंगों में बोतलबंद पानी पर बैन लगाने के लिए 'चैलेंज'

चैंलेंज के अनुसार गांधी जयंती पर पीएम द्वारा प्रारंभ स्वच्छता अभियान से देशव्यापी जागरुकता के साथ नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और राष्ट्र के विकास का वातावरण बना है

Updated On: Jun 08, 2018 07:08 PM IST

FP Staff

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सरकारी मीटिंगों में बोतलबंद पानी पर बैन लगाने के लिए 'चैलेंज'

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विराट कोहली के फिटनेस चैलेंज को स्वीकार करने के बाद अब उन्हें सरकारी मीटिंगों में बोतलबंद पानी को बैन करने की अजब चुनौती मिली है. सीएएससी संस्था की एसोशियेट श्रुति गुप्ता के दिए चैलेंज में स्वच्छता अभियान के तहत बोतलों के पानी पर प्रतिबंध से देश की सेहत सुधारने के लिए पीएम मोदी से आग्रह किया गया है. चैलेंज के लिए भेजे गए पत्र में केंद्रीय पेयजल मंत्रालय द्वारा 28 अप्रैल 2016 और रेलवे-बोर्ड द्वारा 10 जून 2016 को जारी निर्देशों का जिक्र करते हुए यह बताया गया कि भारत सरकार और राज्य सरकार की सभी मीटिंगों और कार्यक्रमों में पानी की बोतल का इस्तेमाल गैर-कानूनी है.

चैंलेंज के अनुसार गांधी जयंती पर पीएम द्वारा प्रारंभ स्वच्छता अभियान से देशव्यापी जागरुकता के साथ नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और राष्ट्र के विकास का वातावरण बना है. बिहार सरकार ने जनवरी 2015 से सरकारी कार्यक्रमों में पानी की बोतलों पर प्रतिबंध लगा दिया है पर अन्य प्रदेशों में इसका क्रियान्वयन बाकी है. बिहार के डीडीसी द्वारा फरवरी 2016 में सभी विभाग के प्रमुखों को लिखे गए पत्र से यह साफ है कि बोतलबंद पानी पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक है. एक बोतल बनाने में 6 किलो कार्बन-डाईऑक्साइड के हानिकारक उत्सर्जन के साथ एक लीटर पानी बनाने में 5 लीटर पानी की बर्बादी होती है. डीडीसी के अनुसार पानी की बोतलों के निर्माण में बीपीए नाम का रसायन होता है जिसको खाने से हर साल 10 लाख से ज्यादा पशु-पक्षियों की मौत हो जाती है.

चैंलेंज में कहा गया है कि जल संकट की वजह से जब करोड़ों देशवासी त्रस्त हैं और लाखों गांव वीरान हो गए हों तब सरकारी अफसरों और मंत्रियों द्वारा पानी की बोतलों का बेतरतीब इस्तेमाल, पर्यावरण के खिलाफ अपराध ही माना जाएगा. चैंलेंज के अनुसार स्वच्छता अभियान का समापन 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी के 150वीं जयंती पर होगा और बापू ने कहा था कि जो बदलाव लाना चाहते हैं उसे खुद करके दिखायें. देश के बच्चों और युवाओं की तरफ से सीएएससी संस्था के चैंलेंज में यह कहा गया है कि देश और प्रदेश की सभी सरकारी मीटिंगों में पानी की बोतलों का प्रयोग बंद करके पर्यावरण और देश की सेहत फिट रखने की शुरुआत पीएम द्वारा की जाए.

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