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दीवाली में अगर नहीं लगी पटाखों पर रोक, तो हालात होंगे जानलेवा: IMD

पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ-साथ अब स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस ठंड में लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले हानिकारक प्रभावों की ओर ध्यान दिला चुके हैं

Updated On: Oct 20, 2018 02:48 PM IST

FP Staff

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दीवाली में अगर नहीं लगी पटाखों पर रोक, तो हालात होंगे जानलेवा: IMD

पंजाब और हरियाणा में किसाके नों के पराली जलाने के बाद पहले ही दिल्ली-एनसीआर में धुंध लौट आई है और अब दीवाली भी नजदीक है. रोशनी के इस त्योहार में पटाखों का शोर और जहरीला धुआं भी शामिल है. पिछले कुछ सालों से दीवाली के तुरंत बाद से दिल्ली पूरी ठंड भर के लिए धुंध और धुएं में डूब जाती है. ये साल भी कोई अपवाद साबित होगा, ऐसी कोई संभावना नहीं है.

लेकिन अगर इस बार दीवाली पर पटाखे जलाने पर रोक नहीं लगी तो हालात बिल्कुल बदतर हो सकते हैं. भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने भी इस पर चिंता जताई है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि अगर इस बार भी दीवाली पर पटाखे जलाने का स्तर पिछले सालों जैसा ही रहा और इनपर रोक नहीं लगी तो स्थिति जानलेवा हो सकती है.

दिल्ली-एनसीआर ही नहीं पूरे उत्तर भारत में हवा की गुणवत्ता खराब हुई है. इनमें दिल्ली, कानपुर और लखनऊ पर सबसे ज्यादा असर है. पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ-साथ अब स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस ठंड में लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले हानिकारक प्रभावों की ओर ध्यान दिला चुके हैं.

अभी शुक्रवार को ही नासा के एक सैटेलाइट इमेज में बढ़ते प्रदूषण की तस्वीरें दिखाई थी. इस तस्वीर में उत्तरी राज्यों और हिमालय के निचले इलाकों में मोटा धुंध बनता दिखा था.

इस पर मौसम विभाग के वैज्ञानिक ने कहा कि अगर हवा के चलते ये धुंध नहीं हटता है तो दीवाली तक स्थिति बदतर हो जाएगी. ऊपर से अगर पटाखों पर बैन नहीं लगाया जाएगा तो हालात जानलेवा होंगे.

हालांकि, ऐसा लगता नहीं कि इस बार दीवाली पर पटाखों पर बैन लगेगा. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अभी तक पटाखों पर बैन नहीं लगाया है क्योंकि वो उस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है, जिसमें दीवाली के दौरान पूरे देश भर में पटाखों को बेचने और फोड़ने पर रोक लगाने की मांग की गई है.

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट की मुताबिक, ये याचिका दिल्ली के तीन साल के अर्जुन गोपाल, तीन साल के आरव भंडारी और पांच साल की ज़ोया राव भसीन की तरफ से डाला गया है. उन्हें और उनके अभिभावकों की इस याचिका पर किसी भी दिन फैसला आ सकता है.

बता दें कि पिछले साल दीवाली में अक्टूबर से लेकर नवंबर तक दिल्ली में पटाखे बेचने से बैन कर दिया था लेकिन फिर भी लोगों ने अपने स्वास्थ्य की चिंता न करके जमकर पटाखे जलाए थे.

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