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IIT खड़गपुर और सैमसंग में डिजिटल अकादमी के लिए करार

इस साझेदारी से आईओटी और कृत्रिम इंटेलिजेंस के उभरते क्षेत्रों में कौशल विकास को लेकर संस्थान के छात्रों की मदद होगी

Updated On: Oct 10, 2017 05:37 PM IST

Bhasha

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IIT खड़गपुर और सैमसंग में डिजिटल अकादमी के लिए करार

आईआईटी खड़गपुर ने सैमसंग इंडिया के साथ इंस्टीट्यूट कैंपस में एक डिजिटल अकादमी की स्थापना के लिए एक एमओयू साइन किया है.

संस्थान में कंप्यूटर साइंस और इंजिनियरिंग विभाग सैमसंग की इनोवेशन लैब को संचालित करेगा. टिजेन आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से छात्रों को इंटरनेट के साजो-सामान (आईओटी) के बारे में ट्रेनिंग करेगा. इस सिस्टम के तहत आम तौर पर कंपनी द्वारा उसके मोबाइल फोन और घरेलू उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है.

आईओटी कंप्यूटिंग उपकरणों का एक नेटवर्क है जो रोजमर्रा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं के भंडारण और सूचना के आदान-प्रदान के लिए होती है.

आईआईटी खड़गपुर ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘इस प्रशिक्षण से छात्रों को उद्योगों से संबधित कौशल प्राप्त करने में मदद मिलेगी. साथ ही वो नौकरी के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो पाएंगे.’ बयान में कहा गया कि यह अकादमी कंपनी की कॉरपोरेट सामाजिक पहल का हिस्सा थी जिसका मकसद छात्रों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का कौशल प्रदान करवाकर देश में डिजिटल खाई को पाटना है.

यह भी कहा गया कि आईआईटी खड़गपुर के साथ इस साझेदारी के माध्यम से अकादमी ने अगले तीन साल में 100 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित करने की योजना बनायी है.

एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद सोमवार को सैमसंग अनुसंधान एवं विकास संस्थान, दिल्ली के प्रबंध निदेशक योंगकी ब्यून ने कहा ‘सैमसंग आईआईटी खड़गपुर के साथ यह समझौता कर के खुश है. यह बढते डिजिटल प्रौद्योगिकी बाजार में छात्रों की मदद करेगा, खासकर इंटरनेट के साजो-सामान (आईओटी) और भविष्य की कनेक्टिविटी को लेकर प्रशिक्षण देने का काम करेगा.

उन्होंने कहा कि कंपनी अगली पीढ़ी के लिए प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.

आईआईटी खड़गपुर के निदेशक पार्था प्रतिम चक्रबर्ती ने कहा, ‘यह साझेदारी आईओटी और कृत्रिम इंटेलिजेंस के उभरते क्षेत्रों में कौशल विकास को लेकर हमारे छात्रों की मदद करेगी.’ सैमसंग डिजिटल अकादमी के पाठ्यक्रम में टीजेन, ऐप टेस्टिंग और डेब्यूगिंग पर वेब एप्लिकेशन विकास की मूल बातें शामिल है.

इस पाठ्यक्रम में 14 हफ्ते के दौरान कक्षा व्याख्यान, असाइनमेंटस, प्रयोगशाला सत्र, स्वाध्याय और मिनी प्रोजेक्टस के माध्यम से पढ़ाया जाएगा.

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