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अगर लेट हुईं ट्रेनें तो रेल अधिकारियों का रूक सकता है प्रमोशन

पिछले सप्ताह रेल मंत्रालय की विभागीय बैठक में पीयूष गोयल ने ट्रेनों की लेटलतीफी और लेट परिचालन के मुद्दे को लेकर जोनल महाप्रबंधकों की खिंचाई की. उन्होंने कहा कि रेल सेवाओं में देरी के लिए अधिकारी रख-रखाव काम का बहाना नहीं बना सकते

Bhasha Updated On: Jun 03, 2018 06:07 PM IST

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अगर लेट हुईं ट्रेनें तो रेल अधिकारियों का रूक सकता है प्रमोशन

ट्रेनों के लेट चलने और लेटलतीफी का असर अब रेल अधिकारियों के प्रमोशन पर पड़ सकता है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के जोनल प्रमुखों को चेतावनी दी है कि रेल सेवाओं में देरी का असर उनके प्रदर्शन मूल्यांकन में आंशिक देरी के रूप में हो सकता है. इसलिए उन्हें रेल सेवाओं में अनुशासन सुधारने के लिए एक महीने का समय मिला है.

पिछले सप्ताह एक विभागीय बैठक में पीयूष गोयल ने इस मुद्दे को लेकर जोनल महाप्रबंधकों की खिंचाई की. उन्होंने कहा कि रेल सेवाओं में देरी के लिए अधिकारी रख-रखाव काम का बहाना नहीं बना सकते.

रेल मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि 30 जून तक अगर उन्हें इसमें कोई सुधार नजर नहीं आया तो संबद्ध महाप्रबंधक को प्रमोशन के लिए विचार नहीं किया जाएगा.' उन्होंने कहा कि उन (अधिकारियों) के कार्य निष्पादन देरी सूची में उनके स्थान पर निर्भर करेगा.

बता दें कि पिछले वित्त वर्ष (2017-18) में भारतीय रेलवे की 30 प्रतिशत गाड़ियां अपने समय से कई घंटों की देरी से चल रही थीं. इस साल गर्मियों में भी इसमें कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा है.

सूत्रों के अनुसार उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक को गोयल की नाराजगी सबसे अधिक झेलनी पड़ी. इस जोन में गाड़ियों के समय पर चलने यानी सेवा अनुशासन का आंकड़ा 29 मई तक बहुत ही खराब 49.59 प्रतिशत है जो पिछले साल की तुलना में 32.74 प्रतिशत अधिक खराब है.

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