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पेट्रोल-डीजल की महंगाई: बीजेपी की सरकार आने के बाद 12 गुना बढ़ी एक्साइज ड्यूटी

कांग्रेस ने कहा कि हमारी सरकार की तुलना में बीजेपी की सरकार आने के बाद से पेट्रोल-डिजल में लगने वाली एक्साइज ड्यूटी 12 गुना बढ़ गई है

Updated On: Sep 10, 2018 11:06 AM IST

FP Staff

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पेट्रोल-डीजल की महंगाई: बीजेपी की सरकार आने के बाद 12 गुना बढ़ी एक्साइज ड्यूटी

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग थमने का नाम नहीं ले रही है. रोज की ही तरह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को भी इजाफा दर्ज किया गया. पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 23 पैसे की बढ़ोतरी हुई है जबकि डीजल के दाम 22 पैसे प्रति लीटर बढ़े हैं. इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 80.73 रुपए प्रति लीटर हो गई है.

वहीं, मुंबई में सोमवार को पेट्रोल की नई कीमत 88.12 रुपए प्रति लीटर है जो रविवार को 87.89 रुपए प्रति लीटर थी. इस बीच विपक्ष ने आज यानी सोमवार को 'भारत बंद' का ऐलान किया है. विपक्ष का कहना है कि जीएसटी के लागू होने के बाद पेट्रोल-डीजल पर लग रही एक्साइज ड्यूटी और वैट को जल्द से जल्द कम किया जाए. कांग्रेस सरकार की तुलना में बीजेपी की सरकार आने के बाद से पेट्रोल-डीजल में लगने वाली एक्साइज ज्यूटी 12 गुना बढ़ गई है.

क्या है एक्साइज ड्यूटी का गणित?

फिलहाल केंद्र एक लीटर पेट्रोल पर 19.48 रुपए की टोटल एक्साइज ड्यूटी लगता है. वहीं डीजल पर यह 15.33 रुपए प्रति लीटर है. इसके ऊपर वैट लगता है. वैट हर राज्य में 6 फीसदी से ज्यादा ही है क्योंकि अंडमान निकोबार द्वीप में सबसे कम यानी 6 प्रतिशत वैट लगता है.

विपक्ष के भारत बंद के ऐलान के बाद राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट में 4 प्रतिशत की कटौती की है. इसके बाद राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2.5 रुपए प्रति लीटर की कटौती हुई है.

जीएसटी में लाने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कई बार केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर चुके हैं. अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आ जाएं तो इनकी कीमत 10 से 15 रुपए प्रति लीटर कम हो जाएगी.

बीते अगस्त से ही पेट्रोल की कीमतें हर रोज बढ़ रही हैं. ऐसे में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के अलावा कोई और उपाय नजर नहीं आता. फिलहाल रुपया कमजोर है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में विदेशों से कच्चा तेल खरीदना महंगा हो गया है. यही कारण है की पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.

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