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हैदराबाद: सातवीं में पढ़ने वाला ये जीनियस इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को दे रहा है ट्यूशन

हैदराबाद में रहने वाले 11 साल के मोहम्मद हसन अली बीटेक और एमटेक के छात्रों को डिजाइनिंग और ड्राफ्टिंग पढ़ाते हैं

Updated On: Nov 01, 2018 11:49 AM IST

FP Staff

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हैदराबाद: सातवीं में पढ़ने वाला ये जीनियस इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को दे रहा है ट्यूशन
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हैदराबाद में 11 साल का एक ऐसा वंडर बॉय है, जो खुद तो सातवीं का छात्र है लेकिन इंजीनियरिंग के छात्रों को ट्यूशन दे रहा है. हैदराबाद में रहने वाले 11 साल के मोहम्मद हसन अली अपने कोचिंग क्लास के चलते सुर्खियों में हैं. हसन बीटेक और एमटेक के छात्रों को डिजाइनिंग और ड्राफ्टिंग पढ़ाते हैं.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में हसन ने बताया कि वो खुद पहले इंटरनेट से पढ़ते हैं, फिर अपने छात्रों को पढ़ाते हैं. उन्होंने बताया, 'मैं पिछले 1 साल से पढ़ रहा हूं. मेरे लिए इंटरनेट सीखने का संसाधन है. मैं फीस नहीं लेता क्योंकि मैं अपने देश के लिए कुछ करना चाहता हूं.'

हसन अपने छात्रों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए कोई फीस नहीं लेते हैं और 2020 के अंत तक एक हजार इंजीनियर्स को पढ़ाना चाहते हैं.

हसन अपनी पढ़ाई, इंजीनियरिंग की पढ़ाई और फिर इंजीनियरिंग छात्रों को पढ़ाना वो सबकुछ कैसे मैनेज करते हैं, इस पर हसन ने बताया कि 'मैं एक साल से पढ़ा रहा हूं. मैं सुबह स्कूल जाता हूं और 3 बजे घर वापस आता हूं. मैं खेलता हूं और अपना होमवर्क करता हूं. इसके बाद शाम 6 बजे तक मैं पढ़ाने के लिए कोचिंग चला जाता हूं.'

न्यूज18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, हसन से पिछले डेढ़ महीने से पढ़ने आ रही छात्रा जी सुषमा ने बताया, 'मैं सिविल सॉफ्टवेयर सीखने के लिए पिछले डेढ़ महीने से यहां आ रही हूं. वह हम सबसे छोटा है, लेकिन अच्छी तरह पढ़ाता है. उसकी स्किल अच्छी है और वह बताई चीजें समझनी आसान होती है.'

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हसन को खुद से दोगुनी उम्र के छात्रों को पढ़ाने का आइडिया इंटरनेट पर एक वीडियो देखने के बाद आया, जिसमें बताया गया था कि अच्छी पढ़ाई करने बावजूद भारतीय छात्र विदेशों में छोटी-मोटी नौकरियां करते हैं.

हसन बताते हैं, 'मैंने इंटरनेट पर एक वीडियो देखा था, जिसमें बताया गया था कि भारतीय छात्र पढ़ाई के बाद भी विदेश में छोटी-मोटी नौकरियां कर रहे थे. मैंने सोचा कि हमारे इंजीनियर एक खास मामले में पिछड़ जाते हैं और वह चीज थी 'कम्युनिकेशन स्किल'. हमारे यहां के छात्र कम्युनिकेशन में काफी कमजोर रहे हैं इसलिए पिछड़ जाते हैं. वहीं मेरा पसंदीदा विषय डिजाइनिंग था तो मैंने इस दिशा में काम शुरू कर दिया.'

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