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गोवा: बीमार सीएम पर्रिकर का इस्तीफा मांग रहे सैकड़ों लोगों ने किया मार्च, 48 घंटे का वक्त दिया

कांग्रेस के कुछ नेताओं सहित सैकड़ों लोगों ने पर्रिकर के निजी आवास तक मार्च कर उनके इस्तीफे की मांग की

Updated On: Nov 21, 2018 09:37 AM IST

Bhasha

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गोवा: बीमार सीएम पर्रिकर का इस्तीफा मांग रहे सैकड़ों लोगों ने किया मार्च, 48 घंटे का वक्त दिया

गोवा में मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के खिलाफ विपक्षी पार्टियों से लेकर गठबंधन साथियों तक में माहौल बना हुआ है. कहीं उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है तो कहीं बीजेपी की गठबंधन साथी उनकी जगह अपना मुख्यमंत्री बनाने की बात उठा रही है.

48 घंटे का दिया अल्टीमेटम

इसी क्रम में मंगलवार को कांग्रेस के कुछ नेताओं सहित सैकड़ों लोगों ने मंगलवार शाम को गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निजी आवास तक मार्च कर उनके इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने बीमार मुख्यमंत्री की जगह एक पूर्णकालीन मुख्यमंत्री नियुक्त करने की भी मांग की. उन्होंने पर्रिकर को इस्तीफा देने के िलए 48 घंटे तक का वक्त दिया है.

प्रदर्शनकारियों ने यह मांग की कि पर्रिकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें क्योंकि वह बीमार हैं. ‘पीपुल्स मार्च फॉर रिस्टोरेशन ऑफ गवर्नेंस’ के बैनर तले लोगों ने करीब एक किलोमीटर तक मार्च किया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए पर्रिकर को 48 घंटे का 'अल्टीमेटम' दिया.

कांग्रेस के अलावा एनसीपी और शिवसेना सहित अन्य दलों ने भी विरोध मार्च को समर्थन दिया. इस मार्च की पहल सामाजिक कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी संगठनों ने की थी.

पुलिस ने प्रदर्शन को मुख्यमंत्री के निजी आवास से 100 मीटर पहले ही रोक दिया. डिप्टी कलेक्टर शशांक त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खराब स्वास्थ्य के चलते प्रदर्शनकारियों से मिलने से इनकार कर दिया.

उनके मंत्री ने ही लगाया काम काज न होने का आरोप

बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को पैंक्रियाटिक कैंसर है. इसका इलाज कराने के चलते वो काम काज से काफी दूर रहे हैं. उन्हें 14 अक्टूबर को दिल्ली एम्स से छुट्टी मिली थी, जिसके बाद वो स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं. वो सार्वजनिक रूप से भी अब कम दिखाई देते हैं. वहीं कहा जा रहा है कि उनकी अनुपस्थिति में काम काज भी ठीक ढंग से नहीं हो रहा है. गोवा के राजस्व मंत्री रोहन खुंटे ने शनिवार को आरोप लगाया था कि पर्रिकर के अंतर्गत आने वाले विभागों के नौकरशाह बीमार नेता की अनुपस्थिति का ‘दुरुपयोग’ कर रहे हैं और सरकारी योजनाओं को रोक रहे हैं. खुंटे ने कहा कि पर्रिकर की अनुपस्थिति में फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं.

सहयोगी पार्टी मांग रही है मुख्यमंत्री पद

निर्दलीय विधायक खुंटे की टिप्पणी बीजेपी की गठबंधन सहयोगी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के दावों के कुछ घंटों बाद सामने आई, जिसमें दावा किया गया कि मुख्यमंत्री की बीमारी के कारण राज्य प्रशासन आठ महीने से ‘पूरी तरह से’ ठप है. एमजीपी ने मुख्यमंत्री का पद मंत्री सुदिन धावलिकर को देने की मांग की है.

वहीं उनकी अनुपस्थिति में एमजीपी अब मुख्यमंत्री पद खुद मांग रही है. शनिवार को पार्टी ने चेतावनी दी कि बीमारी के चलते मुख्यमंत्री का पद उसके मंत्री सुदिन धावलिकर को दिया जाना चाहिए. एमजीपी ने यह भी आगाह किया कि यदि उसकी मांग नहीं गयी तो वह राज्य में लोकसभा चुनाव एवं विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारेगी.

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