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GST: 18 तरह के टैक्स गड़बड़झाले से मिलेगी मुक्ति

सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों और शराब को जीएसटी में शामिल क्यों नहीं किया?

Pratima Sharma Pratima Sharma Updated On: Jun 22, 2017 11:06 AM IST

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GST: 18 तरह के टैक्स गड़बड़झाले से मिलेगी मुक्ति

वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी को इस दशक का सबसे बड़ा कर सुधार माना जा रहा है. जीएसटी 1 जुलाई 2017 से लागू होने वाला है. इसके बाद अलग-अलग टैक्स के बजाय कारोबारियों को एक ही टैक्स चुकाना होगा. इससे कारोबारियों की कागजी कार्रवाई में कमी आएगी. प्रस्तावित कानून में जीएसटी रेट तय करने का अधिकार जीएसटी काउंसिल को दिया गया है, जिसमें केंद्र और राज्यों की सहमति से इसे तय करने की बात कही गई है.

व्यापारियों के लिहाज से जीएसटी का प्रभाव काफी व्यापक होगा. कारोबार के हर क्षेत्र मसलन कच्चे माल की खरीदारी, आपूर्ति, ढुलाई, आईटी, मार्जिन, कामकाजी पूंजी, कीमत तय करने आदि पर इसका काफी असर होगा. संविधान में 122वें संंशोधन के तहत इसे लागू किया गया है.

जीएसटी का फायदा?

जीएसटी आने के बाद कई चीजें सस्ती हो जाएंगी. हालांकि कुछ चीजें इससे महंगी भी हो जाएंगी. इसका एक बड़ा फायदा यह है कि इससे टैक्स सिस्टम आसान हो जाएगा. जीएसटी के बाद 18 से ज्यादा टैक्सों से छुटकारा मिल जाएगा.

कैसे लगता है टैक्स?

फैक्टरी से जब कोई सामान निकलता है तो उस पर कई तरह के टैक्स लगते हैं. फैक्टरी से बाहर आते ही सबसे पहले उस पर एक्साइज ड्यूटी यानी उत्पाद शुल्क लगता है. कभी-कभी एडिशनल एक्साइज ड्यूटी भी लगती है.

इसके अलावा आपके टैक्स का एक बड़ा हिस्सा होता है सर्विस टैक्स. अगर रेस्तरां में खाना खाते हैं, मोबाइल बिल मिलता है या क्रेडिट कार्ड का बिल आता है, तो हर जगह ये लगाया जाता है जो 14.5 फीसदी तक होता है.

एंट्री टैक्स या चुंगी

जैसे ही सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है तो सबसे पहले देना होता है एंट्री टैक्स. इसके अलावा अलग-अलग मामलों में अलग-अलग सेस भी लगता है. एंट्री टैक्स के बाद उस राज्य में वैट यानी सेल्स टैक्स लगता है. जो अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होता है. इसके अलावा अगर इन सामान का नाता रिश्ता अगर एंटरटेनमेंट से है तो एंटरटेनमेंट या लग्जरी टैक्स भी लगता है. साथ ही कई मामलों में परचेज टैक्स भी देना होता है.

इसके अलावा ऐसे कई टैक्स हैं जो गिनाए नहीं जा सकते. फिलहाल अलग-अलग तरह के 18 टैक्स होते हैं, जो जीएसटी लागू होने के बाद खत्म हो जाएंगे.

क्या होगा टैक्स का गणित?

सरकार ने पिछले दिनों एक रिपोर्ट तैयार कराई थी उसमें कहा गया था कि अभी सामान पर औसतन 24 फीसदी टैक्स लगता है. लेकिन जीएसटी के बाद अगर स्टैंडर्ड रेट लगाएं तो ये 17-18 फीसदी रह जाएगा. यानी चीजें सस्ती होंगी.

कुछ चीजें जीएसटी से बाहर रहेंगी

सरकार ने फिलहाल कुछ चीजें जीएसटी के दायरे से बाहर रखी हैं. इनमें पांच पेट्रोलियम पदार्थों और शराब शामिल हैं. सरकार ने इन चीजों को जीएसटी के दायरे से इसलिए बाहर रखा है क्योंकि इन दोनों से राज्यों को सबसे ज्यादा कमाई होती है. लिहाजा फिलहाल वो इसे अपने अधिकार से बाहर नहीं करना चाहते हैं.

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