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सुप्रीम कोर्ट से मिली 'शक्ति' के बाद कितने बाहुबली हो गए हैं केजरीवाल?

आम आदमी पार्टी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसले आने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अब तक 175 से भी ज्यादा मीटिंग की हैं.

Updated On: Sep 10, 2018 09:49 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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सुप्रीम कोर्ट से मिली 'शक्ति' के बाद कितने बाहुबली हो गए हैं केजरीवाल?

पिछले दो-तीन महीनों से दिल्ली सरकार एक के बाद एक कई अहम फैसले ले रही है. दिल्ली सरकार के द्वारा अखबारों से लेकर रेडियो तक सरकार की उपलब्धियों के बखान के विज्ञापन दिए जा रहे हैं. पिछले दो-तीन दिनों से दिल्ली में डोर स्टेप डिलीवरी सेवा शुरू करने का विज्ञापन अखबारों में आ रहा था, उसकी शुरुआत सोमवार को हो गई.

दिल्ली सरकार ने सोमवार से 40 सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी की शुरुआत कर दी है. इन सेवाओं के शुरू होते ही दिल्लीवालों को दफ्तरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. साथ ही बिचौलिए के चक्कर से भी मुक्ति मिल जाएगी. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस सेवा शुरू होने के बाद कहा है कि यह देश ही नहीं दुनिया की पहली सेवा है, जिसमें सरकार जनता के द्वार खुद चल कर आ रही है. शुरुआत में जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मैरेज सर्टिफिकेट, नया वाटर कनेक्शन सहित 40 सेवाओं की होम सर्विस दी जाएगी. अगले दो-तीन महीने में इन सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी जाएंगी.

बता दें कि दिल्ली सरकार ने इन 40 सेवाओं के लिए एक खास नंबर जारी किया है. यह नंबर है 1076. आवेदक को इस नंबर पर फोन करके 'मोबाइल सहायक' से टाइम लेना होगा. आप जो वक्त तय करेंगे मोबाइल सहायक उसी वक्त आपके घर आएंगे. सुबह 8 बजे से लेकर रात 10 बजे तक कभी भी आप मोबाइल सहायक को बुला सकते हैं.

आपके बताए वक्त पर मोबाइल सहायक टैबलेट लेकर आएगा और जरूरी दस्तावेज अपलोड करेगा. इसके बदले वह आपसे 50 रुपए की फीस लेगा. इसके बाद आपका मनचाहा सर्टिफिकेट आपके पास पहुंच जाएगा. सोमवार को दिल्ली के सभी कैबिनेट मंत्रियों और राज्य सरकार के सभी वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सीएम ने इस मेगा प्रोग्राम को लॉन्च किया. सोमवार को इस प्रोग्राम का 58 सरकारी स्थानों पर लाइव प्रसारण किया गया. दिल्ली सरकार ने आठ सरकारी स्थानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की, जिसमें विभिन्न कार्यालयों में मौजूद लोग अपना प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पहले से ही तैयार बैठे थे.

arvind kejriwal

सीएम अरिवंद केजरीवाल ने 'डोरस्टेप डेलिवरी' को अद्वितीय और मेगा प्रशासनिक सुधार की शुरुआत करार दिया. दिल्ली सरकार इन सेवाओं को तीन महीने के भीतर 100 तक बढ़ा सकती है. दिल्ली के 58 स्थानों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं इस ऐतिहासिक दिन पर दिल्ली के लोगों को नमस्कार करता हूं जब सरकारी मशीनरी क्रांतिकारी बदलाव से गुजर रही है. यह दिन केवल दिल्ली के लिए ऐतिहासिक नहीं है, मुझे लगता है कि हम एक अनूठा प्रयोग कर रहे हैं जिसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पालन किया जाएगा. अब तक हमने पिज्जा के घरेलू वितरण के बारे में सुना था, आज से दिल्ली के लोगों के पास उनके दरवाजे पर सरकार होगी... एक फोनकॉल के माध्यम से.’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आज हम 40 सेवाओं के साथ शुरुआत कर रहे हैं और दिल्ली सरकार जल्द ही 30 और अतिरिक्त सेवाओं को जोड़ देगी और दिल्ली सरकार अगले तीन महीनों में नागरिकों के दरवाजे पर 100 सेवाएं प्रदान करेगी.’ बता दें कि दिल्ली सरकार के अधिकारों को लेकर 4 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली सरकार ने एक के बाद एक कई ऐसे अहम फैसले लिए जो दिल्ली की जनता के लिए काफी सकून देने वाले हैं. दिल्ली सरकार जिन 40 सेवाओं को सोमवार से घर तक पहुंचा रही है साल 2017 में उन सेवाओं के लिए लगभग 25 लाख आवेदन आए थे.

दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों के चलाने की बात हो या फिर विधायकों के फंड बढ़ोतरी का निर्णय हो या फिर सीसीटीवी, सिग्नेचर ब्रिज की रेगुलर बेसिस पर मॉनिटरिंग शुरू करने के आदेश देने की बात हो या फिर राशन कार्ड का मामला जो सालों से अटका पड़ा था, इन सबने अचानक ही रफ्तार पकड़ ली है. सुप्रीम कोर्ट का 4 जुलाई को फैसला आने के बाद ही दिल्ली सरकार ने उसी दिन डोर स्टेप ऑफ डिलेवरी सर्विसेज और सीसीटीवी से जुड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर दिशा निर्देश जारी किए थे.

4 जुलाई के बाद मोहल्ला क्लिनिक के लिए 600 जगह भी फाइनल कर दी गई है. साथ ही 31 मार्च तक 1000 और मोहल्ला क्लिनिक तैयार करने की बात कही गई. दो साल के बाद वक्फ बोर्ड का गठन किया गया. जिन अधिकृत कॉलोनियों में फॉरेस्ट लैंड होने के कारण विकास का काम ठप पड़ा था, उन जगहों की पहचान कर विकास के काम को शुरू करने के आदेश दिए गए.

फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं, दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस समय भी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है. कुछ सर्विसेज का मामला अभी भी कोर्ट में पेंडिंग है. इसके बावजूद दिल्ली सरकार को जो शक्तियां मिली हैं उनका प्रयोग करते हुए दिल्ली सरकार काफी तेजी से काम कर रही है. हमने 15 भाषाओं की अकादमी, सीसीटीवी प्रोजेक्ट्स, स्पोर्ट्स एक्सिलेंस पॉलिसी, दिल्ली के स्कूलों में 12 हजार नए क्लासरूम बनाने, दिल्ली के विधायक फंड को 4 करोड़ से बढ़ा कर 10 करोड़ करने जैसे कई अहम फैसले लिए हैं.’

सुप्रीम कोर्ट

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आम आदमी पार्टी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसले आने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अब तक 175 से भी ज्यादा मीटिंग की हैं. लगभग 60 जगहों पर खुद जाकर इंस्पेक्शन किया है. यह सब दिल्ली की जनता की सुविधा को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. वहीं विपक्ष आरोप लगा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए अरविंद केजरीवाल जनता को मुर्ख बना रहे हैं. पिछले 3-4 सालों में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के साथ जो किया उन मुद्दों को लेकर हम अरविंद केजरीवाल से जवाब मांग रहे हैं.

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