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पासपोर्ट रद्द होने के बावजूद इस वजह से विदेशों में घूमता रहता है नीरव मोदी

भारत में नीरव मोदी का पासपोर्ट विदेश मंत्रालय ने 23 फरवरी को रद्द कर दिया था

Updated On: Jun 21, 2018 01:15 PM IST

FP Staff

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पासपोर्ट रद्द होने के बावजूद इस वजह से विदेशों में घूमता रहता है नीरव मोदी

बैंक फ्रॉड मामले में भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी की विदेश यात्राओं पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. सवाल यह है कि भारत द्वारा पासपोर्ट रद्द करने के बाद भी नीरव मोदी लगातार विदेश यात्राएं कैसे कर रहा है. सवाल यह भी है कि आखिर इंटरपोल के नोटिस के बावजूद नीरव को रोका क्यों नहीं जा रहा.

11 जून को सीबीआई ने कहा था कि उन्होंने इंटरपोल को नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए कहा था. वहीं 18 जून को सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि इंटरपोल द्वारा नीरव मोदी के खिलाफ 15 फरवरी को डिफ्यूजन नोटिस जारी किया गया.

नोटिस में अन्तर क्या है?

सीबीआई ने इंटरपोल से जिस रेड कॉर्नर नोटिस को जारी करने के लिए कहा था उसमें कई संवैधानिक शक्तियां हैं. इस नोटिस के जारी होते ही सभी देशों का कर्तव्य है कि वह अपने यहां शरण लिए भगोड़े को गिरफ्तार करें. प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई ने नीरव मोदी के खिलाफ यही नोटिस जारी करने के लिए कहा था लेकिन इंटरपोल ने अब तक रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं किया है.

वहीं डिफ्यूजन नोटिस में इंटरपोल के जरिए पड़ोसी देशों से निवेदन किया जाता है कि वह भगोड़े पर नजर रखें और उसकी गतिविधियों की जानकारी संबंधित देश को देते रहें. इस नोटिस को सीधे कई इंटरपोल ऑफिसों में भेजा जा सकता है.

भारत में कब रद्द हुआ नीरव का पासपोर्ट

Nirav Modi

भारत में नीरव मोदी का पासपोर्ट विदेश मंत्रालय ने 23 फरवरी को रद्द कर दिया था. 18 जून को सीबीआई ने कहा कि नीरव के पासपोर्ट रद्द करने की जानकारी इंटरपोल के केंद्रीय डाटाबेस में अपडेट कर दी गई और यह जानकारी सभी देशों के पास उपलब्ध है.

5 जून को अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने कहा कि इंटरपोल ने जानकारी दी है कि नीरव अपने रद्द पासपोर्ट के साथ तीन देशों की यात्रा कर चुका है. यह यात्राएं 15 मार्च, 28 मार्च, 30 मार्च और 31 मार्च को की गईं. सूत्रों के मुताबिक नीरव ऐसा इसलिए कर पाया क्योंकि पासपोर्ट पर कोई इंटरनेशनल कॉमन डाटाबेस नहीं है.

केवल रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए ही पासपोर्ट को इंटरपोल सेंट्रल डाटाबेस से लिंक किया जा सकता है. अगर इस नोटिस के जारी होने के बाद भगोड़ा यात्री अपने पासपोर्ट को इमीग्रेशन काउंटर पर प्रयोग करेगा तो अपने आप ही यह जानकारी सामने आ जाएगी कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ RCN लंबित है.

6 देशों को सीबीआई ने लिखे पत्र

जिन देशों में जानकारी सीधे इमीग्रेशन डाटाबेस से लिंक नहीं होती, वहां नेशनल सेंट्रल ब्यूरो इमीग्रेशन डाटाबेस को जानकारी उपलब्ध करवाती है. एनसीबी एक तरह की नोडल एजेंसी हैं जिनकी वजह से कई देशों में इंटरपोल ऑपरेटर्स हैं. जैसे भारत में इंटरपोल की एनसीबी सीबीआई है.

सीबीआई ने दावा किया है कि उसने 6 देशों यूएस, यूके, बेल्जियम, फ्रांस, सिंगापुर और यूएई को 25 अप्रैल से 28 मई तक कई बार पत्र लिखे जिसमें इस बात का जिक्र था कि नीरव मोदी रद्द पासपोर्ट के साथ यात्राएं कर रहा है. केवल यूके ने भारत के डिफ्यूजन नोटिस का जवाब दिया है. नीरव मोदी को जनवरी के आखिरी में दावोस में देखा गया था जहां इमीग्रेशन अथॉरिटी उसे पकड़ने में नाकाम रही थीं.

नीरव पर आरोप है कि उसके पास 6 पासपोर्ट हैं ,लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से भारत ने कौन सा पासपोर्ट रद्द किया है. ऐसी दशा में केवल हालही में बना पासपोर्ट मान्य होता है. हालात यह हैं कि सीबीआई तब तक कुछ नहीं कर सकती जब तक भगोड़ा व्यापारी उसकी न्यायिक प्रक्रिया के घेरे में ना आ जाए. उम्मीद जताई जा रही है कि इंटरपोल नीरव के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करेगा और नीरव किसी न किसी देश से गिरफ्तार किया जा सकेगा.

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