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मुजफ्फरनगर: क्रिकेट मैच में लड़को के बीच हुआ झगड़ा, अब बन गया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

गांव के पूर्व प्रधान शाकर अली ने बताया कि वह बच्चों के बीच एक छोटा सा झगड़ा था जिनमें थोड़ी बातें सांप्रदायिक थीं लेकिन उसे बढ़ा-चढ़ाकर सांप्रदायिक झगड़ा दिखाया गया

Updated On: Sep 28, 2018 04:06 PM IST

FP Staff

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मुजफ्फरनगर: क्रिकेट मैच में लड़को के बीच हुआ झगड़ा, अब बन गया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के पुरबलियां गांव में लगभग एक महीने पहले एक क्रिकेट मैच के बाद भड़के सांप्रदायिक विवाद ने अब एक नया मोड़ लिया है. इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ नैशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत केस दर्ज किया गया है. इनमें से एक व्यक्ति की उम्र 65 वर्ष है. समुदाय के लोगों ने पुलिस के खिलाफ एकतरफा एक्शन लेने का आरोप लगाया है. आपको बता दें कि यह मामला 21 अगस्त 2018 का है जब दो समुदायों के लड़कों के बीच झगड़े से कई दिन तक इलाके में तनाव बना रहा.

गांव के पूर्व प्रधान शाकर अली ने बताया, 'वह बच्चों के बीच एक छोटा सा झगड़ा था जिनमें थोड़ी बातें सांप्रदायिक थीं लेकिन उसे बढ़ा-चढ़ाकर सांप्रदायिक झगड़ा दिखाया गया. ऐसा करने के पीछे कारण यह था कि अल्पसंख्यक परिवारों से बदला लिया जा सके. बहुसंख्यक समुदाय में से किसी पर भी एक्शन नहीं लिया गया.' बता दें कि झगड़े में लिप्त लड़कों में से एक के पिता सुमित पाल ने 22 अगस्त 2018 को 20 अज्ञात लड़कों समेत करीब 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी जिनमें से 12 लड़के अल्पसंख्यक समुदाय के थे.

20 लड़कों के खिलाफ केस दर्ज इसके बाद 24 अगस्त 2018 को आबिद अहमद नाम के शख्स को दो लोगों ने पीट दिया था. बाद में अल्पसंख्यक सुमदाय के 26 लोगों के खिलाफ दो समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने के आरोप में सेक्शन 153A के तहत केस दर्ज किया गया. बता दें कि आबिद शमशेर अहमद के लिए काम करते थे. शमशेर के भाई वसीम चौधरी ने राइट-विंग समूहों पर आरोप लगाया जबकि राइट-विंग ने कहा कि 22 अगस्त 2018 की एफआईआर के चलते यह सब कराया जा रहा है. सुमित पाल ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदाय ने यह अफलाह फैलाई कि हिंदुओं ने अल्पसंख्यक समुदाय के एक शख्स को पीट दिया है.

पुलिस ने एनएसए  को लेकर दी सफाई एफआईआर के आधार पर 38 लोगों और 20 अज्ञात लड़कों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं जिनमें से 28 जेल में हैं. शमशेर, महबूब अहमद और आफताब के ऊपर एनएसए लगाया गया है. सर्कल ऑफिसर खतौली, राजीव कुमार सिंह नेकहा, 'आबिद ने बाद में कबूल किया था कि शमशेर ने उसे पीड़ित की तरह बर्ताव करने के लिए कहा था ताकि काउंटर एफआईआर दर्ज कराई जा सके. इसलिए उनके खिलाफ एनएसए लगाया जाना बिल्कुल सही है.'

परिवार ने कहा पुलिस ने बनाया दवाब वहीं शमशेर के भाई मोहसिन ने बताया कि पुलिस ने जबरन शमशेर को गिरफ्तार किया है. उसकी कथित साजिश में कोई भूमिका नहीं थी. जब उसका भतीजा महबूब (जो उस वक्त गांव में भी नहीं था) शमशेर को ढूंढने पुलिस स्टेशन गया तो उसे भी पकड़ लिया गया. आबिद को उसका बयान बदलने पर मजबूर किया गया और जब वह नहीं माना तो उसका नाम भी एफआईआर में दर्ज करवा दिया गया.

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