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अब महाराष्ट्र में होगी शराब की होम डिलीवरी, 'ड्रिंक एंड ड्राइव' रोकने के लिए उठाया कदम

मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह कदम शराब इंडस्ट्री के लिए 'गेम चेंजर' हो सकता है, जिस तरह से ई-कॉमर्स कंपनियां देश में काम करती हैं शराब की होम डिलीवरी का तंत्र भी उसी तरह काम करेगा

Updated On: Oct 14, 2018 10:02 PM IST

FP Staff

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अब महाराष्ट्र में होगी शराब की होम डिलीवरी, 'ड्रिंक एंड ड्राइव' रोकने के लिए उठाया कदम

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में शराब की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलिवरी की अनुमति देने का निर्णय लिया है. सरकार का कहना है कि इससे नशे में धुत्त होकर गाड़ी चलाने के मामलों पर लगाम लग सकेगी. आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को मीडिया को बताया, 'हम नशे में धुत्त होकर गाड़ी चलाने की घटनाओं को रोकना चाहते हैं. शराब को घर तक पहुंचाने से इसमें मदद मिलेगी.'

हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि यह निर्णय कब से प्रभावी होगा. नाम उजागर न करने की शर्त पर आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस फैसले के पीछे राजस्व बढ़ाना भी एक मुख्य लक्ष्य है. अधिकारी ने बताया कि प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनियां इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकती हैं.

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते राजमार्ग के पास स्थित करीब 3,000 शराब की दुकानों के बंद होने के चलते सरकार को अच्छे खासे राज्य कर का नुकसान उठाना पड़ रहा है. राज्य के 2017-18 के राजस्व में उत्पाद शुल्क से 15,343 करोड़ रुपए आए थे.

उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने की वजह से राज्य के कोष में थोड़ी और कमी दर्ज की गई थी. अधिकारी ने कहा कि शराब की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलिवरी से ज्यादा राजस्व जुट सकने की उम्मीद है.

आधार नंबर के जरिए होगी खरीददार की पहचान

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा- जिस तरह से लोगों को ग्रॉसरी और सब्जियां घर पर मिलती हैं उसी तरह से अब शराब भी घर पर मिला करेगी. बावनकुले ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे कि जिन्होंने शराब ऑर्डर की है वह शराब पीने के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को पूरा करते हैं या नहीं. शराब विक्रेता को आधार नंबर के जरिए खरीददार की पहचान करनी होगी. रिपोर्ट के अनुसार मंत्री ने यह भी कहा कि बोतलों पर जियो टैग भी लगाया जाएगा.

टैगिंग बोतल के ढक्कन पर की जाएगी

रिपोर्ट के अनुसार बावनकुले ने कहा- टैगिंग बोतल के ढक्कन पर की जाएगी. हम मैन्युफैक्चरर से लेकर ग्राहक तक बोतल को ट्रैक कर सकते हैं. यह नकली शराब और तस्करी की बिक्री को रोकने में भी मदद करेगा.

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2015 में सभी सड़क दुर्घटनाओं में से 1.5% के लिए नशे में ड्राइविंग जिम्मेदार थी. ऐसी घटनाओं में मौत की भी सबसे ज्यादा संख्या थी. तेजी और लापरवाही से वाहन चलाने में हुई दुर्घटनाओं में जहां 30% और 33% लोगों की मौत हुई वहीं नशे में ड्राइविंग में हुई दुर्घटना में 42% की मौत हुई थी.

(इनपुट भाषा से)

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