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राफेल डील: फाइटर जेट की डिलीवरी में कहीं से कमतर साबित नहीं होता HAL- पूर्व MD

एचएएल के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक सक्सेना ने कहा है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड 100 राफेल जेट दसॉ इतने टाइम में ही डिलीवर करने की क्षमता रखता है

Updated On: Jan 09, 2019 04:20 PM IST

FP Staff

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राफेल डील: फाइटर जेट की डिलीवरी में कहीं से कमतर साबित नहीं होता HAL- पूर्व MD

देश में राफेल विमान सौदा एक बड़ा राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते रहे हैं. राहुल गांधी शुरुआत से ही आरोप लगाते आए हैं कि प्रधानमंत्री ने इस सौदे के लिए जरूरी ऑफसेट को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को देने के बजाय एक निजी कंपनी को दे दिया और उसे 30 हजार करोड़ का सीधा फायदा पहुंचाया.

राहुल गांधी के इस सवाल के जवाब में सरकार ने भी अपना पक्ष रखा था और कहा कि एचएएल को यह सौदा इसलिए नहीं मिला क्योंकि उसके पास राफेल जैसे अत्याधुनिक विमान बनाने की क्षमता नहीं है. इसके साथ ही उसके पास मैन पावर की भी कमी है.

अब इस मामले पर एचएएल के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक सक्सेना ने कहा है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड 100 राफेल जेट दसॉ इतने टाइम में ही डिलीवर कर सकता है. न्यूज-18 के लिए लिखे गए लेख में उन्होंने कहा है कि हाल में राफेल मुद्दे पर जितनी भी चर्चाएं हुई हैं उनमें चौथी पीढ़ी की फाइटर्स जेट बनाने में एचएएल की क्षमता पर चिंताएं व्यक्त की गई हैं.

उन्होंने लिखा है कि मैं सबसे पहले बताना चाहता हूं कि एचएएल के पास राफेल के निर्माण के लिए सभी अनुभव, बुनियादी ढांचे, कौशल और क्षमता है. एचएएल पिछले कई वर्षों के समकालीन आधुनिक लड़ाकू विमान जैसे कि मिग सीरीज, जगुआर, Su-30MKI, AJT हॉक आदि का ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (टीओटी) के तहत निर्माण कर रहा है. एचएएल ने इन टेक्नोलॉजी को प्रभावी ढंग से और कुशलता से किया था और हमारे रक्षा बलों को इन विमानों का उत्पादन और वितरण किया था.

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