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हिमांशु रॉय: क्या दोस्त और क्या दुश्मन, सब देते थे उनकी ईमानदारी की दाद

मुंबईकर हिमांशु रॉय सेंट जेवियर कॉलेज के छात्र थे जिनके पिता कोलाबा के नाम-गिरामी डॉक्टर थे

FP Staff Updated On: May 11, 2018 04:02 PM IST

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हिमांशु रॉय: क्या दोस्त और क्या दुश्मन, सब देते थे उनकी ईमानदारी की दाद

महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व प्रमुख हिमांशु रॉय ने खुदकुशी कर ली है. यह खबर प्रकाश में आते ही लोगों में उदासी की लहर दौड़ गई. रॉय ऐसे अधिकारी थे जिनकी ईमानदारी की दाद क्या दोस्त और क्या दुश्मन सब देते थे.

राजपूत वंश में जन्मे रॉय के बारे में कहा जाता है कि उन्हें जो सवाल मंजूर नहीं होता था, उसे वे बड़े अनोखे तरीके से नकारते थे. हालांकि वे ना कभी नहीं कहते थे बल्कि सवाल को ही किसी मजाक या छोटी सी कहानी में बदल देते थे. इससे वहां की पूरी फिजां बदल जाती थी.

मुंबईकर हिमांशु रॉय सेंट जेवियर कॉलेज के छात्र थे जिनके पिता कोलाबा के नाम-गिरामी डॉक्टर थे. 12वीं बाद उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई की लेकिन बाद में इसे भी छोड़ दिया. सीए बनने का सपना लिए वे दूसरी दुनिया में प्रवेश कर गए लेकिन हुआ वही जो विधि को मंजूर था.

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीए की पढ़ाई के दौरान हिमांशु रॉय को लगा कि कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे समाज में बदलाए आए. इसके लिए उन्होंने पुलिस अधिकारी बनने की ठानी और आईपीएस की तैयारी में लग गए. उसी दौरान इनका प्रेम संबंध मशहूर लेखक अमीष त्रिपाठी की बहन भावना से परवान चढ़ा. भावना से उनकी शादी हुई. भावना भी आईएएस अधिकारी थीं जिन्होंने बाद में सिविल सेवा छोड़ दी. उधर रॉय आईपीएस अधिकारी बने और इधर उनकी पत्नी ने पुलिस सेवा छोड़कर सामाजिक कार्यों में लग गईं.

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