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रोहिंग्या शरणार्थियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 13 अक्टूबर को सुनवाई

कोर्ट ने केंद्र और याचिका दायर करने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों से कहा कि वो सारे दस्तावेज और अंतरराष्ट्रीय कंवेन्शन का ब्यौरा तैयार कर दाखिल करे

Bhasha Updated On: Oct 03, 2017 07:43 PM IST

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रोहिंग्या शरणार्थियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 13 अक्टूबर को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस म्यामार भेजने के सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को सुनवाई करेगी.

अदालत ने कहा कि वह सिर्फ कानूनी बिंदुओं पर ही बहस सुनेगी. कोर्ट ने सभी पक्षों से कहा कि वो भावनात्मक पहलू पर बहस करने से गुरेज करें क्योंकि यह मामला मानवीय मुद्दे और मानवता से संबंधित है जिस पर परस्पर सम्मान के साथ सुनवाई की जरूरत है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यों वाली खंडपीठ ने केंद्र और याचिका दायर करने वाले रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों से कहा कि वो अदालत की मदद के लिए सारे दस्तावेज और अंतरराष्ट्रीय कंवेन्शन का ब्यौरा तैयार कर के दाखिल करें.

पीठ ने कहा कि सरकार के रूख सहित इस मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई की जाएगी. सरकार का तर्क है कि यह मामला कोर्ट में विचार योग्य नहीं है.

Supreme Court of India

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया

रोहिंग्या शरणार्थियों की ओर से वरिष्ठ वकील फली नरिमन ने सरकार के रूख का विरोध किया. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका विचार योग्य है क्योंकि संविधान वैयक्तिक अधिकार की गारंटी देता है.

अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता का कहना था कि सरकार नहीं चाहती कि इस मामले को टुकडों में सुना जाए. उन्होंने कहा कि वह एक दिन विस्तार से सुनवाई के पक्ष में हैं.

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