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एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने डीसी पर एक साल से खौफ में रखने का आरोप लगाया

महिला ने कहा है कि जानबूझकर रात में उनकी ड्यूटी लगाई गई, जहां महिला अधिकारी सुरक्षित नहीं महसूस कर सकती. ऐसे में अगर उनका रेप या हत्या हो जाए तो क्या डीसी इसकी जिम्मेवारी लेंगे

Updated On: Aug 22, 2018 10:06 PM IST

FP Staff

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एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने डीसी पर एक साल से खौफ में रखने का आरोप लगाया
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हजारीबाग के दो अधिकारियों का आपसी विवाद सोशल मीडिया के जरिए दुनिया के सामने आ गया है. एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट दीपमाला ने सोशल मीडिया में पत्र लिखते हुए डीसी रविशंकर शुक्ल पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया है. दीपमाला का यह पत्र व्हाट्स एप पर वायरल हो रहा है.

एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने इस सिलसिले में वरीय अधिकारियों से कोई शिकायत नहीं की है. लेकिन 9 पन्ने के वायरल लेटर के आधार पर कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल ने प्रमंडलीय आयुक्त से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है. झारखंड सरकार ने भी अपने जिला इकाई से पूरे मामले की जांच करने को कहा है.

दीपमाला ने आरोप लगाया है कि डीसी उसे सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करते हैं. एक साल से वह फीयर साइकोसिस में जी रही हैं. डीसी का ट्रांसफर होने पर वो लडृडू बाटेंगी. वे आगे लिखती हैं कि जिले के बीडीओ-सीओ से बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया जाता है. कई अफसरों की सैलरी पिछले 6 महीने से बंद है.

दीपमाला ने आगे आरोप लगाया है कि 19 अगस्त को दो दिन का स्पेशल लीव मांगा तो नहीं दिया गया. बदले में 20 अगस्त से पांच दिन तक ड्यूटी लगा दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को डेरोगेट कर डीसी को सैडिस्टिक प्लेजर का अनुभव होता है. जानबूझकर रात में उनकी ड्यूटी लगाई गई, जहां महिला अधिकारी सुरक्षित नहीं महसूस कर सकती. ऐसे में अगर उनका रेप या हत्या हो जाए तो क्या डीसी इसकी जिम्मेवारी लेंगे. दीपमाला ने आशंका जाहिर की है कि अब उन्हें नौकरी से हटाने का प्रयास किया जाएगा. वह इसके लिए तैयार हैं.

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