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कर्मचारियों को नियमित करने की नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी हरियाणा सरकार

पिछली कांग्रेस सरकार ने ‘अपने राजनीतिक फायदे के लिए’ जाटों को आरक्षण एवं नियमित करने की नीति में कई विसंगतियां छोड़ दी थी

Updated On: Jun 03, 2018 07:22 PM IST

Bhasha

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कर्मचारियों को नियमित करने की नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी हरियाणा सरकार

हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार ने ‘कर्मचारियों को नियमित करने की नीति’ पर पंजाब और  हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है.

हाईकोर्ट ने हाल में ‘कर्मचारियों को नियमित करने की नीति’ को दरकिनार कर दिया था. हरियाणा की पिछली सरकार ने अनुबंध पर काम करने वाले 20,000 से ज्यादा कर्मचारियों की सेवा नियमित कर दी थी.

केंद्र में मोदी सरकार के चार साल पूरा होने पर झज्जर में बुद्धिजीवियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अभिमन्यु ने कहा, ‘राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करने का फैसला किया है.’

एक सरकारी विज्ञप्ति में अभिमन्यु के हवाले से बताया गया कि साल 2014 में हरियाणा विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले भूपिंदर सिंह हुड्डा की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने तीन अधिसूचना जारी की थी और अनुबंध एवं तदर्थ आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित कर दिया था.

उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने ‘अपने राजनीतिक फायदे के लिए’ जाटों को आरक्षण एवं नियमित करने की नीति में कई विसंगतियां छोड़ दी थी.

सऊदी अरब में प्रदर्शन मामले में 17 लोगों को हिरासत में लिया गया रियाद, तीन जून (एपी) सऊदी अरब के अभियोजक ने आज कहा कि सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पहुंचाने के प्रयास के आरोप में 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

मानवाधिकार समूह के कार्यकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं के वाहन चलाने पर लगे प्रतिबंध को खत्म करने के कुछ सप्ताह पहले नामी महिला अधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया.

लोक अभियोजक कार्यालय से जारी बयान में हिरासत में लिये गए लोगों के नामों का खुलासा नहीं किया गया और कहा गया कि आठ लोगों को अस्थायी रूप से रिहा कर दिया गया.

मानवाधिकार समूह के कार्यकर्ताओं का कहना है कि आयशा अल मना, हसा अल शेख और मदीहा अल अजरोश समेत अन्य को रिहा किया गया. इन तीनों कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के अधिकार के लिए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.

अभियोजक के बयान में कहा गया कि पांच पुरूषों और चार महिलाओं को अभी भी हिरासत में रखा गया है क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और उन्होंने आरोपों को कबूल किया है.

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