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हरियाणा : रेप की घटनाओं से मजाक बना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा

हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से अपहरण और गैंगरेप की लगातार हो रही घटनाओं ने राज्य के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है

Updated On: Jan 15, 2018 10:57 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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हरियाणा : रेप की घटनाओं से मजाक बना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा

हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से अपहरण और गैंगरेप की लगातार हो रही घटनाओं ने राज्य के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है. पानीपत, जींद, कुरुक्षेत्र, पंचकुला और फरीदाबाद में एक के बाद एक रेप की घटनाओं ने राज्य की राजनीति में तूफान ला दिया है. तीन घटनाओं में अपहरण करने के बाद गैंगरेप की भी पुष्टि भी हो गई है. एक के बाद एक चार रेप की घटनाओं ने राज्य पुलिस की नींद गायब कर दी है.

हरियाणा के जिंद में तो ‘निर्भया’ गैंगरेप जैसी वारदात सामने आने के बाद कोहराम मचा हुआ है. जिंद में दसवीं कक्षा की 15 साल की एक दलित लड़की का शव एक नहर के किनारे से मिला है. घटना शनिवार शाम की है. शव की हालत देखकर 'निर्भया' जैसी करतूत अंजाम देने का शक गहरा गया है.

जिंद गैंग रेप केस पीड़िता के शरीर पर जख्मों के कई निशान हैं. प्राइवेट पार्ट पर बेरहमी से चोट पहुंचाई गई है. जख्मों को देखकर लगता है कि इस घटना में 3-4 लोग शामिल होंगे. आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मामले की जांच के लिए दो एसआईटी का गठन भी कर दिया गया है.

दूसरा मामला कुरुक्षेत्र का है, जहां पीड़ित लड़की के पिता ने कहा है कि मेरी लड़की को अगवा कर उसका बलात्कार किया गया है. पीड़ित लड़की के पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हम इंसाफ चाहते हैं. अगर प्रशासन समय पर एक्शन लेता तो यह घटना सामने नहीं आती.'

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा में लगातार हो रही रेप की घटनाओं ने में सीएम मनोहर लाल खट्टर का बयान भी सामने आ गया है. मनोहर लाल खट्टर ने पत्रकारों को बताया, 'पानीपत गैंगरेप केस में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुरुक्षेत्र मामले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है.'

मीडिया रिपोर्ट्स में जिंद रेप के पीछे 12वीं क्लास के एक छात्र का हाथ होने का शक गहराता जा रहा है. हरियाणा पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ चल रही है.

गौरतलब है कि हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के सत्ता में आते ही रेप की घटनाओं के काफी मामले सामने आ रहे हैं. हरियाणा सरकार के दामन पर एक के बाद एक लगातार दाग लग रहे हैं. बीते कुछ ही घंटों में जिस तरह से जींद की 15 साल की लड़की और पानीपत की 11 साल की लड़की के साथ रेप हुआ है, वह हिला कर रख देने वाली घटना है. रेप के बाद जिस तरह से शवों के साथ सुलूक किया गया वह भी अपने आप में चौकाने वाली घटना है.

एक तरफ सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करती है तो दूसरी तरफ राज्य में लगातार हो रही रेप की घटनाओं को रोकने में असफल साबित हो रही है. बीते दिनों पंचकूला की एक घटना ने तो पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया. एक 50 साल के व्यक्ति ने 10 साल की बच्ची के साथ रेप किया. नाबालिग लड़की अस्पताल में जिंदगी और मौत से अभी भी जूझ रही है. हरियाणा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार लिया है. पुलिस आरोपी की मानसिक स्थिति और आरोपी के पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है.

हरियाणा में लगातार हो रही रेप की घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. रेप की घटनाओं ने राज्य के सियासतदानों के रवैये पर भी सवाल खड़े किए हैं. पिछले दो दिनों में हरियाणा के अलग-अलग जिलों से आए रेप की खबरों से खट्टर सरकार मुश्किल में है. सरकार अपनी इज्जत बचाने के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी की लगातार कोशिश की बात कर रही है, लेकिन सरकार की इज्जत का तो फालूदा तो निकल ही गया है.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा भारत में हर घंटे महिलाओं के खिलाफ कम से कम 40 मामलों की जानकारी मिलती है. साल 2016 में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर प्रति लाख महिलाओं पर 55.2 दर्ज की गई थी. साल 2007 के बाद हर साल इस आंकड़ों में तेजी ही आई है.

महिलाओं के खिलाफ होने वाले ज्यादातर अपराध रिश्तेदारों या जान-पहचान वालों के द्वारा ही किया जाते हैं. महिलाओं के खिलाफ सभी अपराधों में से 12 फीसदी हिस्सेदारी बलात्कार के मामले होती है.

खास बात यह है कि हरियाणा से सटे दिल्ली में भी महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में कोई खास कमी देखने को नहीं मिली है, दिल्ली पुलिस ने हाल ही में अपनी सालाना रिपोर्ट में आंकड़ा जारी करते हुए कहा है कि पिछले कुछ सालों के बाद साल 2017 में महिला अपराध खासकर रेप के मामलों में थोड़ी कमी आई है. साल 2017 में रेप के लगभग 2050 केस दर्ज किए गए हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक 38 प्रतिशत केस में रेप करने वाले लोग ही रेप पीड़िता के करीबी निकले हैं.

gang rape

प्रतीकात्मक तस्वीर

पिछले कुछ सालों से देश में महिलाओं के खिलाफ सजा दर भी 20 प्रतिशत से कम ही दर्ज की जाती रही हैं. पिछले दशक भारत में महिलाओं के खिलाफ लगभग 25 लाख अपराध के केसज दर्ज किए गए थे, जो कि 83 प्रतिशत अधिक है. भारत में चार बलात्कार के मामलों में से केवल एक व्यक्ति को ही सजा मिलती है. साल 2012 के बाद इस मामले में तो और कमी आई है.

पिछले कुछ सालों से हर घंटे चार से पांच बलात्कार के मामले दर्ज हो रहे हैं. पिछले कुछ सालों से मध्यप्रदेश और सिक्किम जैसे राज्यों में भी बलात्कार के मामलों में काफी तेजी आई है. देश में बलात्कार के मामलों में लगभग 88 फीसदी की तेजी आई है. साल 2007 में जहां बलात्कार के 20 हजार 737 मामले सामने आए थे वहीं साल 2016 में यह आंकड़ा 38 हजार 947 को पार गया.

साल 2016 में लगभग 39 हजार बलात्कार पीड़ितों में से 45 फीसदी लड़कियां 18 साल से कम उम्र की थीं. बलात्कार करने वाला 95 प्रतिशत बलात्कारी पीड़ित को जानने वाला था. इनमें से 29 प्रतिशत पड़ोसी और 27 प्रतिशत पीड़ित से शादी करने की इच्छा रखने वाले लोग.

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