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हैरिटेज दर्जा खो सकता है दार्जिलिंग का ट्वाय ट्रेन

कुछ दिनों पहले दार्जिलिंग में आंदोलन चला रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के कई स्टेशनों में तोड़फोड़ की

FP Staff Updated On: Sep 06, 2017 08:32 PM IST

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हैरिटेज दर्जा खो सकता है दार्जिलिंग का ट्वाय ट्रेन

दार्जिलिंग की ट्वाय ट्रेन पर खतरा मंडरा रहा है. यूनेस्को दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) के हैरिटेज दर्जे को खत्म कर सकता है. 11 सितंबर की एक मीटिंग में डीएचआर का भाग्य तय हो जाएगा.

11 सितंबर को भारतीय पुरातत्व विभाग, यूनेस्को और रेलवे बोर्ड के बीच एक मीटिंग है, जिसमें डीएचआर के बारे में फैसला होगा. अगर इसका हैरिटेज दर्जा खत्म हुआ तो यूनेस्को इसकी फंडिंग पर भी रोक लगा देगा.

यूनेस्को से हुआ था समझौता

पिछले दस सालों में पहाड़ों के गिरने से कई बार पहाड़ों की इस क्वीन ट्रेन के पहिए थमे हैं. इसी साल जनवरी में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु और यूनेस्को के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें यूनेस्को 5.3 लाख डॉलर के फंड से इस रेलवे का न केवल सौंदर्यीकरण करती बल्कि इसके संचालन का आधुनिक और सुरक्षित सिस्टम भी तैयार करती. उस दौरान भी एक पहाड़ के गिरने से ट्रवाय ट्रेन को 82 दिनों के लिए बंद करना पड़ा था.

गोरखा आंदोलन में नुकसान पहुंचाया गया

कुछ दिनों पहले दार्जिलिंग में आंदोलन चला रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के कई स्टेशनों में तोड़फोड़ की. कई भवनों को आग लगा दी गई. ट्रेन के कोचों को भी नुकसान पहुंचाया गया. इस पर यूनेस्को ने नाराजगी जाहिर की थी. उत्तरी पूर्वी सीमांत रेलवे और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे से ये पूछा गया था कि संपत्ति को कैसे नुकसान पहुंचा. यूनेस्को रोक सकता है फंड

अब दार्जिलिंग रेलवे को लेकर जो मीटिंग होने जा रही है, उसमें अगर हैरिटेज दर्जे पर तलवार लटकी होगी तो यूनेस्को उस फंड को भी रोक सकता है, जो उसे इस पर लगाना था.

कितने का हुआ है नुकसान

शुरू में तो रेलवे ने नुकसान की रिपोर्ट घोषित नहीं की थी लेकिन अब पता लग रहा है कि करीब नौ करोड़ का नुकसान हुआ है. एक टीम को हैरिटेज भवनों को हुए नुकसान को देखने के लिए आना था लेकिन दार्जिलिंग बंद के चलते आ रही बाधाओं की वजह से टीम नहीं पहुंच पाई. इसकी वजह से नुकसान भी बढ़ता गया. वित्तीय नुकसान तो एक ओर है, अब तो हैरिटेज दर्जा जाने का खतरा मंडरा रहा है. यूनेस्को के साथ होने वाली इस मीटिंग में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी खुद मौजूद रहेंगे. उन्हें उम्मीद है कि दार्जिलिंग रेलवे का हैरिटेज दर्जा बचा लिया जाएगा.

[न्यूज़ 18 से साभार]

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