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Happy Diwali: बिना पटाखों के दिवाली मनाने के ये रहे 10 तरीके

दिवाली मनाने के लिए पटाखों की जरूरत नहीं है, मस्ती के तरीके और भी कई हैं

Updated On: Oct 19, 2017 09:01 AM IST

FP Staff

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Happy Diwali: बिना पटाखों के दिवाली मनाने के ये रहे 10 तरीके

दिवाली आ चुकी है और हर ओर त्योहार का खुमार छाया हुआ है. हर बार की तरह इस बार भी पटाखा मुक्त 'ग्रीन दिवाली' मनाने की मांग हर ओर से हो रही है. इस बार तो कोर्ट ने आदेश देकर इसे समर्थन भी दे दिया है.

लेकिन जिन्हें साफ़ हवा और हरे-भरे वातावरण से प्यार है और जो प्रकृति की फ़िक्र करते हैं उन्हें कोर्ट के किसी आदेश की जरुरत नहीं है. दिवाली का मतलब सिर्फ पटाखे फोड़ना या मिठाई खाना तो है नहीं. अगर आप पारंपरिक ढंग से दिवाली मनाना चाहते हैं तो इसका पठाखे फोड़ने से ज्यादा मतलब भी नहीं है. हम आपको बताते हैं कि आप किस तरह दिवाली का भरपूर मजा उठा सकते हैं.

1. इलेक्ट्रिक लाइट्स की जगह दियों का इस्तेमाल कीजिए. इससे न सिर्फ बिजली का इस्तेमाल कम होगा बल्कि जगमगाते दिए दिखने में भी अच्छे लगेंगे. अगर आपको इलेक्ट्रिक लाइट्स लगाने ही हों तो एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल कीजिए. वो 80 प्रतिशत तक कम बिजली इस्तेमाल करते हैं.

2. वैसे तो बाजार में कम प्रदूषण फ़ैलाने वाले पटाखे भी आ चुके हैं पर वो आम पटाखों से महंगे होते हैं. इसकी जगह आप यह याद कीजिए कि आप आखिरी बार कब पेड़-पौधों के बीच किसी हरी-भरी जगह पर गए थे. क्यों न आप दिवाली से एक शाम पहले अपनी कम्युनिटी के बच्चों के साथ एक 'नेचर वाक' पर जाएं. इस प्रकाश पर्व के मौके पर पर छत पर या किसी खुली जगह बॉनफायर जला कर घर में बनी मिठाई और शरबत परोसिए. आप बैलून, ग्लिटर और रंगीन कागज़ों से सजावट भी कर सकते हैं. आपके आसपास बच्चे और उनका हंगामा आपकी शाम रोशन कर देगा.

3. दीपावली हो और रंगोली नहीं, ये तो हो नहीं सकता. कहते हैं पुराने ज़माने में रंगोली चिड़ियों-पक्षियों को भोजन देने के लिए बनाया जाता था. इस दिवाली क्यों न फिर से वैसा किया जाए. कृत्रिम रंगों की बजाय मसालों और अन्य खाने की चीजों से रंगोली बनाइए, कुछ ऐसे- चावल से सफेद, दाल या हल्दी से पीला, लौंग या बड़ी इलायची से भूरा, छोटी इलायची से हरा और सूखी मिर्च से लाल रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप ताजा फूलों से भी रंगोली बना सकते हैं.

A Hindu devotee lights an earthen lamp on the steps of Sindhiya Ghat during the Karthik Purnima and Dev Diwali festival in Varanasi, November 10, 2011. Dev Deepawali is celebrated on the fifteenth day of Diwali, on the full moon day in the month of Karthik (also known as Karthik Purnima) in a tribute to river Ganges by the Hindu devotees of Varanasi. Picture taken November 10, 2011. REUTERS/Jitendra Prakash (INDIA - Tags: RELIGION SOCIETY) - GM1E7BB1I6W01

4. घर को सजाने के लिए आप साड़ियों या दुपट्टे को ट्विस्ट कर रंगों से भरे पर्दों की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. आप बच्चों के 'आर्ट एंड क्राफ्ट' मटेरियल का इतेमाल कर भी सजावट कर सकते हैं. यहां तक कि आप कुछ दिनों के लिए डोर बेल को हटा का वहां घंटी लगा सकते हैं. इससे पूजा का माहौल और भी ज्यादा आएगा.

5. ऐसे तो बाजारों में मिठाइयों के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं पर उनमें कृत्रिम रंग होते हैं और मिलावट का भी खतरा रहता है. फिर क्यों न इस बार घर पर ही मिठाई बनाई जाए. अपने लिए थोड़ा वक्त निकालिए और नेचुरल चीजों, जैसे दूध, बेसन, नारियल, ड्राई फ्रूट्स आदि से मिठाई बनाइए. इस मिठाई में पोषक तत्व भी होंगे और मिलावट का भी नामोनिशान नहीं होगा. कुछ उदाहरण- बेसन के लड्डू, नारियल के बर्फी, खीर, शक्करपारे, गाजर का हलवा.

दिवाली मनाने के मजेदार तरीके

6. महंगी चीजें खरीदने की बजाय पारंपरिक और इकोफ्रेंडली दिवाली मन सकते हैं. केले के पत्ते और कुल्हड़ (मिट्टी के कप) में पकवान परोसिए और दिवाली का मजा लीजिए. आप इवेंट्स भी आयोजित कर सकते हैं जैसे कि रंगोली प्रतियोगिता, मिठाई बनाने की प्रतियोगिता, कागज के रोशनदान बनाने की प्रतियोगिता या एक धमाकेदार डांस पार्टी.

7. अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को गिफ्ट्स देने के लिए आपको रैपिंग पेपर खरीदने की जरूरत नहीं है. पुराने अखबारों को पेंट कीजिए या फिर आप पुराने रंगीन कपड़ो का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

diwali

8. दिवाली के कार्ड्स खरीदने की क्या जरूरत है. इस बार खुद ही अपने कार्ड्स बनाइए. फोटोज काटिए और उन्हें क्राफ्ट पेपर पर चिपकाइए. इस पर आप रिबन, बिंदी, कपड़ों के टुकड़े वगैरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

9. खुद के लिए तो हर कोई सोचता ही है, क्यों न इस दिवाली वंचित लोगों की जिंदगी रोशन की जाए. अपने पुराने कपड़े दान कीजिए, यूं भी सर्दियां आने वाली हैं. उन्हें मिठाइयां दीजिए. आप किसी अनाथालय या वृद्धाश्रम जा कर भी वहां रहने वालों के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं.

10. इसके अलावा आप शॉपिंग और त्योहार की तैयारी में बड़े-बुजुर्गों की देखरेख, उनकी सहायता कर सकते हैं. दोपहर में महिलाएं पड़ोस की अन्य महिलाओं के साथ मेहंदी सेशन भी आयोजित कर सकती हैं.

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